झारखंड हाइकोर्ट ने याचिका खारिज करने में हुई गलतियों को सुधारने में विफल रहने पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा पर 1.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया

  • झारखंड हाइकोर्ट ने याचिका खारिज करने में हुई गलतियों को सुधारने में विफल रहने पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा पर 1.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया

    झारखंड हाइकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा पर उनके द्वारा दायर याचिका खारिज करने में हुई गलतियों को सुधारने में विफल रहने पर 1.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।

    मुंडा की याचिका की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पाया कि गलतियों को इंगित किए जाने के बावजूद सुधारा नहीं गया। नतीजतन न्यायालय ने मुंडा पर 1,25,000 रुपये का जुर्माना लगाया> उन्हें झारखंड हाइकोर्ट के वकील क्लर्क संघ के पास यह राशि जमा करने का निर्देश दिया।

    जस्टिस राजेश कुमार ने कहा,

    "कार्यालय द्वारा बताई गई कमियों को नजरअंदाज किया जाता है, जिसके लिए वकील क्लर्क एसोसिएशन झारखंड हाइकोर्ट, रांची के पक्ष में 1,25,000/- रुपये का भुगतान करना होगा।"

    हालांकि, अदालत ने मुंडा के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाकर उन्हें अंतरिम राहत प्रदान की। मामले की अगली सुनवाई 8 मई को निर्धारित है। यह मामला मुंडा द्वारा दायर याचिका से संबंधित है, जिसमें 11 अप्रैल 2023 को सचिवालय तक मार्च के दौरान पुलिस के साथ कथित विवाद के लिए उनके और अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर को चुनौती दी गई।

    मुंडा ने तर्क दिया कि एफआईआर दुर्भावनापूर्ण अभियोजन के समान है और उनके खिलाफ कोई अपराध नहीं बनता। सचिवालय की ओर मार्च कर रहे पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प के बाद धुर्वा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई।

    एफआईआर में नामजद 41 लोगों में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी और रघुबर दास, चतरा के सांसद सुनील कुमार सिंह, विधायक अमित मंडल, समीर उरांव और सांसद निशिकांत दुबे शामिल हैं। मुंडा ने एफआईआर रद्द करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

    केस टाइटल: अर्जुन मुंडा बनाम झारखंड राज्य के माध्यम से

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