सड़क डिवाइडर पर लगे विज्ञापन बोर्ड सड़क से कम-से-कम 12 फुट ऊपर हों: झारखंड हाईकोर्ट
Amir Ahmad
14 Aug 2026 12:48 PM IST

झारखंड हाईकोर्ट ने रांची नगर निगम को निर्देश दिया कि सड़क डिवाइडर पर लगे स्ट्रीट लाइट या बिजली के खंभों पर लगाए जाने वाले विज्ञापन बोर्ड सड़क की सतह से कम-से-कम 12 फुट की ऊंचाई पर लगाए जाएं। कोर्ट ने कहा कि कम ऊंचाई पर लगे बोर्ड यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करते हैं और दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं।
जस्टिस आनंद सेन की सिंगल बेंच ने कहा कि यदि कोई विज्ञापन बोर्ड 12 फुट से कम ऊंचाई पर लगा है तो उसे तुरंत हटाया जाए या निर्धारित ऊंचाई से ऊपर स्थापित किया जाए।
यह आदेश विज्ञापन एजेंसियों द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान पारित किया गया। याचिकाकर्ताओं ने उन निर्देशों को चुनौती दी थी, जिनमें होर्डिंग, मोनोपोल और यूनिपोल हटाने के लिए कहा गया।
याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि प्रशासन को केवल उन होर्डिंगों की पहचान करनी चाहिए, जो वास्तव में खतरा पैदा करते हैं। उनके अनुसार, सभी विज्ञापन बोर्डों को एक समान तरीके से सुरक्षा के लिए खतरा नहीं माना जा सकता।
वहीं, रांची नगर निगम ने अदालत को बताया कि मोनोपोल, यूनिपोल, बिलबोर्ड और अन्य विज्ञापन संरचनाएं वाहन चालकों का ध्यान भटका सकती हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाएं, चोटें और जनहानि हो सकती है। नगर निगम ने अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए समय भी मांगा।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड पर मौजूद तस्वीरों का अवलोकन किया। कोर्ट ने विशेष रूप से 'मां गायत्री ज्वेलर्स' के एक यूनिपोल विज्ञापन का उल्लेख किया, जो सड़क की ओर निकला हुआ था और जिसका हिस्सा सड़क के मध्य तक फैला हुआ दिखाई दे रहा था।
कोर्ट ने यह भी देखा कि सड़क डिवाइडर पर लगे स्ट्रीट लाइट के खंभों पर कई विज्ञापन बोर्ड बहुत कम ऊंचाई पर लगाए गए। अदालत ने कहा कि ऐसे बोर्ड सड़क से गुजरने वाले मोटरसाइकिल और अन्य दोपहिया वाहन चालकों को चोट पहुंचा सकते हैं।
कोर्ट ने कहा,
“सड़क के बीचों-बीच बिजली के खंभों पर इतनी कम ऊंचाई पर विज्ञापन बोर्ड लगाना यात्रियों के लिए निश्चित रूप से खतरा है। इसके अलावा, इससे दृष्टि बाधित होने की स्थिति भी उत्पन्न होती है।”
इसी के साथ हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि स्ट्रीट लाइट के खंभों, बिजली के खंभों, मोनोपोल या यूनिपोल पर 12 फुट से कम ऊंचाई पर लगे सभी विज्ञापन बोर्ड, होर्डिंग और पट्टिकाएं तुरंत हटाई जाएं या उन्हें 12 फुट से अधिक ऊंचाई पर स्थानांतरित किया जाए।
मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह होगी। इस बीच, रांची नगर निगम को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश भी दिया गया।


