महिला कैदी गर्भवती हो रही हैं, हिरासत में रह रहे हैं 196 बच्चे: कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका ने महिला कैदियों के बैरक में पुरुष कर्मचारियों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की

Praveen Mishra

8 Feb 2024 4:07 PM IST

  • महिला कैदी गर्भवती हो रही हैं, हिरासत में रह रहे हैं 196 बच्चे: कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका ने महिला कैदियों के बैरक में पुरुष कर्मचारियों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की

    पश्चिम बंगाल की सभी जेलों के न्यायमित्र ने कलकत्ता हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है, जिसमें राज्य के सुधार गृहों में हिरासत में महिला कैदियों के गर्भवती होने की घटनाओं को चिह्नित किया गया है।

    चीफ़ जस्टिस टीएस शिवागनानम और जस्टिस सुप्रतिम भट्टाचार्य की खंडपीठ के समक्ष याचिका का उल्लेख किया गया।

    मैंने देखा है कि हिरासत में महिला कैदी जेल में रहने के दौरान गर्भवती हो रही हैं। पहले से ही 196 बच्चे विभिन्न जेलों में रह रहे हैं। इस आधार पर मैं सुधार गृहों के पुरुष कर्मचारियों को महिला कैदियों के बाड़े में प्रवेश पर रोक लगाने का सुझाव दे रहा हूं।

    यह आगे प्रस्तुत किया गया था कि एमिकस क्यूरी ने हाल ही में जेल महानिरीक्षक के साथ एक सुधार गृह का दौरा किया था, जिसमें उन्होंने एक गर्भवती महिला कैदी और पंद्रह अन्य बच्चों को अपनी माताओं के साथ हिरासत में रहते हुए पाया, जो सुधार गृह के कैदी भी थे।

    याचिका पर सुनवाई के बाद, खंडपीठ की राय थी कि एमिकस क्यूरी ने एक गंभीर मुद्दा उठाया।

    तदनुसार, इसने लोक अभियोजक की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए आपराधिक मामलों पर दृढ़ संकल्प रखने वाली खंडपीठ के समक्ष मामले को रखने का निर्देश दिया।

    केस नंबर: WPA/4510/1997

    केस का नाम: तपस कुमार भांजा बनाम राज्य



    Praveen Mishra

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    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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