आंख के इलाज के लिए विदेश यात्रा की अनुमति मांगने वाली अभिषेक बनर्जी की अर्जी पर जल्द सुनवाई करे कलकत्ता हाईकोर्ट: सुप्रीम कोर्ट

Praveen Mishra

3 Aug 2026 4:04 PM IST

  • आंख के इलाज के लिए विदेश यात्रा की अनुमति मांगने वाली अभिषेक बनर्जी की अर्जी पर जल्द सुनवाई करे कलकत्ता हाईकोर्ट: सुप्रीम कोर्ट

    सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी की आंख के विशेष इलाज के लिए विदेश यात्रा की अनुमति मांगने वाली लंबित अर्जी पर कलकत्ता हाईकोर्ट से शीघ्र सुनवाई करने का अनुरोध किया।

    चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहन की खंडपीठ अभिषेक बनर्जी की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने विदेश यात्रा की अनुमति देने से इनकार करने के हाईकोर्ट के रुख को चुनौती दी थी।

    अभिषेक बनर्जी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने दलील दी कि हाईकोर्ट में दायर अर्जी केवल अंतरिम संरक्षण आदेश में सीमित संशोधन की मांग करती है, ताकि उन्हें आंख के विशेष इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति मिल सके।

    वहीं, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि यह अर्जी पहले ही कलकत्ता हाईकोर्ट की मासिक सूची में शामिल की जा चुकी है और हाईकोर्ट से किसी निश्चित तारीख पर इस पर सुनवाई का अनुरोध किया जा सकता है।

    इन दलीलों पर गौर करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी करने से इनकार किया और कलकत्ता हाईकोर्ट से लंबित अर्जी पर यथाशीघ्र निर्णय लेने का अनुरोध किया।

    गौरतलब है कि एक लंबित आपराधिक मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक देते हुए शर्त लगाई थी कि वह अदालत की पूर्व अनुमति के बिना देश से बाहर नहीं जा सकेंगे।

    यह मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए कथित भड़काऊ भाषण से जुड़ा है। इससे पहले हाईकोर्ट ने उन्हें पहले कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में विशेषज्ञों से चिकित्सकीय जांच कराने का निर्देश दिया था, जिसके बाद ही विदेश में इलाज की अनुमति पर विचार किए जाने की बात कही थी।

    Praveen Mishra

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    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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