ओपन जेलों पर राज्य के रवैये पर गुजरात हाईकोर्ट नाराज, कहा—“हमें खेद है”

  • ओपन जेलों पर राज्य के रवैये पर गुजरात हाईकोर्ट नाराज, कहा—“हमें खेद है”

    गुजरात हाईकोर्ट ने ओपन जेलों से जुड़े मामले में राज्य सरकार की उदासीनता पर नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के 26 फरवरी 2026 के निर्देशों के अनुपालन की स्थिति उसके सामने पेश नहीं की गई, जबकि पहले से नोटिस दिया गया था।

    चीफ़ जस्टिस सुनीता अग्रवाल और जस्टिस डी. एन. रे की खंडपीठ ने कहा कि इतने महत्वपूर्ण मामले में राज्य अधिकारियों का रवैया “खेदजनक” है।

    अदालत ने नोट किया कि सरकारी वकील और लोक अभियोजक, दोनों ही सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए।

    यह सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के फैसले Suhas Chakma v. Union of India के अनुपालन की निगरानी के लिए स्वत: संज्ञान याचिका में हो रही थी, जिसमें ओपन जेलों के सुधार और विस्तार के निर्देश दिए गए थे।

    हाईकोर्ट ने मामले को 6 मई के लिए सूचीबद्ध करते हुए राज्य के एडवोकेट जनरल को उपस्थित होकर जवाब देने का निर्देश दिया।

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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