विरोध प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन के इस्तेमाल, बिजली के झटके का आरोप वाली शिकायत स्वीकार करेंगे: दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में बताया

Shahadat

29 July 2026 6:50 PM IST

  • विरोध प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन के इस्तेमाल, बिजली के झटके का आरोप वाली शिकायत स्वीकार करेंगे: दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में बताया

    दिल्ली पुलिस ने बुधवार को हाईकोर्ट को बताया कि वह जंतर-मंतर पर 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट गन और लाठियों सहित बल के कथित उपयोग पर वरिष्ठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायत की प्राप्ति के संबंध में पावती देगी।

    दिल्ली पुलिस ने जस्टिस प्रतीक जालान को बताया कि सिस्टम में "अस्थायी तकनीकी खराबी के कारण" 23 जुलाई को जब शिकायत दर्ज की गई थी तो पावती पहले नहीं दी गई।

    अदालत ने पुलिस के रुख पर गौर करते हुए कहा,

    "डीडी नंबर के साथ पावती दिन के दौरान तैयार की जाएगी और दी जाएगी।"

    अदालत ने आनंद लीगल एड फोरम ट्रस्ट द्वारा दायर याचिका का निपटारा किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन ने 22 जुलाई को उसकी शिकायत की प्राप्ति की पावती जारी नहीं की थी।

    याचिका के अनुसार, 23 जुलाई को संबंधित पुलिस स्टेशन में एक लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई, जिसमें पुलिस कार्रवाई के संबंध में संज्ञेय अपराध करने का आरोप लगाया गया।

    यह दावा किया गया कि याचिकाकर्ता द्वारा लगभग एक घंटे तक पुलिस स्टेशन में इंतजार करने और बाद में दिल्ली पुलिस हेल्पलाइन और व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायत करने के बावजूद ड्यूटी अधिकारी और स्टेशन हाउस ऑफिसर ने आधिकारिक मुहर, हस्ताक्षर या डेली डायरी (डीडी) नंबर लगाकर शिकायत को स्वीकार करने से इनकार किया।

    शिकायत में पुलिस आयुक्त, संयुक्त पुलिस आयुक्त, अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और अज्ञात दिल्ली पुलिस, RAF और CRPF कर्मियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही दर्ज करने की मांग की गई, जिसमें प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, अवैध लाठीचार्ज, पैलेट गन, लोहे की छड़ें, बिजली के झटके और आंसू गैस के इस्तेमाल सहित अपराध का आरोप लगाया गया।

    अपना रुख स्पष्ट करते हुए दिल्ली पुलिस ने आज कहा कि अस्थायी तकनीकी खराबी के कारण पुलिस स्टेशन को पावती जारी करने से रोक दिया गया। यह आश्वासन दिया गया कि अब याचिकाकर्ता को एक पावती रसीद प्रदान की जाएगी।

    याचिका में केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को एक बाध्यकारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) और नागरिक चार्टर तैयार करने के निर्देश देने की भी मांग की गई, जिसमें पुलिस स्टेशनों को संज्ञेय अपराध का खुलासा करने वाली प्रत्येक लिखित शिकायत के लिए स्टाम्प पावती जारी करने के लिए बाध्य किया जाए।

    Title: ANAND LEGAL AID FORUM TRUST v. UNION OF INDIA & ANR

    Next Story