BREAKING| सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से उठाने के खिलाफ़ पहुंची उनकी पत्नी, लगाया 'गैर-कानूनी हिरासत' का आरोप
Shahadat
19 July 2026 11:22 AM IST

क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी, डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उन्हें सफदरजंग सरकारी अस्पताल से किसी प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने की इजाज़त मांगी। उनका आरोप है कि मेडिकल इलाज के नाम पर उन्हें गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया।
यह याचिका तब दायर की गई, जब वांगचुक की पत्नी ने सरकारी अस्पताल में उनके इलाज को लेकर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बताई गई सेहत की हालत में गड़बड़ी है और अधिकारियों पर उन्हें डिस्चार्ज न करने का आरोप लगाया।
सोशल मीडिया पोस्ट में वांगचुक की पत्नी ने कहा कि सफदरजंग अस्पताल से उनका "भरोसा उठ गया है"। उन्होंने दावा किया कि अस्पताल के अधिकारियों ने उन्हें बताया था कि उनका पोटैशियम लेवल गिरकर 2.9 हो गया, जिसे उन्होंने "खतरनाक" और "जानलेवा" बताया। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल के पब्लिक हेल्थ बुलेटिन में असली आंकड़ा नहीं बताया गया और सिर्फ़ "पोटैशियम लेवल कम होने" की बात कही गई। उन्होंने आगे दावा किया कि एक इंडिपेंडेंट लैब टेस्ट में वांगचुक का पोटैशियम लेवल 3.5 पाया गया, जिसे उन्होंने नॉर्मल रेंज में बताया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बार-बार अनुरोध करने के बावजूद, अस्पताल के अधिकारियों ने वांगचुक को डिस्चार्ज करने या उनकी पसंद के प्राइवेट अस्पताल में ट्रांसफर करने की इजाज़त देने से इनकार किया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि अस्पताल के फ्लोर पर लगभग 30 पुलिसकर्मी तैनात थे और अस्पताल परिसर में 100 से ज़्यादा पुलिसकर्मी मौजूद थे, जिससे उनके साथ आए लोगों की आवाजाही पर बहुत ज़्यादा रोक लग गई।
इस स्थिति को मेडिकल इलाज के बजाय "गैर-कानूनी हिरासत" बताते हुए वांगचुक की पत्नी ने कहा कि अगर उन्हें कोई नुकसान होता है, तो अस्पताल के अधिकारियों और सरकार को इसकी ज़िम्मेदारी लेनी होगी।
उन्होंने बताया कि आज (रविवार) ही दिल्ली हाईकोर्ट में अर्जेंट सुनवाई की मांग की गई है, ताकि वांगचुक की सेहत और बिगड़ने से पहले उन्हें प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने की इजाज़त मिल सके।
बता दें, हाईकोर्ट ने इस हफ़्ते केंद्र को निर्देश दिया कि वह जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे वांगचुक की रोज़ाना क्लिनिकल मॉनिटरिंग सुनिश्चित करे।
वांगचुक जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं और NEET पेपर लीक समेत परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं। उनका यह विरोध प्रदर्शन युवाओं पर केंद्रित राजनीतिक आंदोलन 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के समर्थन में आयोजित किया गया।
वांगचुक ने 28 जून को अनशन शुरू किया। जैसे-जैसे उनका विरोध प्रदर्शन तीसरे हफ़्ते में पहुंचा, उनकी हालत काफ़ी बिगड़ गई; रिपोर्ट्स के मुताबिक़, उनका वज़न 8 किलो से ज़्यादा घट गया और ब्लड शुगर का स्तर भी गिर गया।


