Satya Niketan PG Collapse : दिल्ली हाईकोर्ट में स्वतंत्र जांच तथा मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ मुआवजे की मांग

Amir Ahmad

7 Sept 2026 12:59 PM IST

  • Satya Niketan PG Collapse : दिल्ली हाईकोर्ट में स्वतंत्र जांच तथा मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ मुआवजे की मांग

    दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी इमारत गिरने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर स्वतंत्र जांच की मांग की गई। याचिका में हादसे की सटीक वजह पता लगाने और जिम्मेदारी तय करने के लिए स्वतंत्र न्यायिक या तकनीकी समिति गठित करने की भी मांग की गई। मामले का सोमवार को चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की पीठ के समक्ष उल्लेख किया गया।

    लॉ स्टूडेंट अनिकेत कुमार गुप्ता की ओर से दायर याचिका में हादसे से प्रभावित छात्रों को तत्काल मेडिकल सुविधा और पुनर्वास उपलब्ध कराने, पीड़ितों को मुआवजा देने तथा असुरक्षित परिसरों में रह रहे छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की मांग की गई। साथ ही इमारत गिरने से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का निर्देश देने की मांग भी की गई।

    याचिका के मुताबिक होस्टल डेज बॉयज पीजी नाम की इमारत सत्या निकेतन में स्थित थी। यह इलाका दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास छात्रों के रहने के लिए प्रमुख केंद्र है। इमारत में बेसमेंट के अलावा पांच मंजिलें थीं और इसका इस्तेमाल छात्रों के आवास के रूप में किया जा रहा था।

    याचिका में कहा गया कि इमारत 6 सितंबर को दोपहर करीब 1:30 बजे ढह गई और 30 से अधिक छात्र मलबे में फंस गए। याचिका में रविवार को एम्स की ओर से जारी बयान और उस रात उपलब्ध रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा गया कि कम-से-कम पांच लोगों की मौत हुई जबकि कई लोगों को मलबे से निकालकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।

    याचिकाकर्ता ने यह पता लगाने की मांग की कि क्या इमारत के पास सभी जरूरी मंजूरियां थीं और वास्तविक निर्माण स्वीकृत भवन योजना के अनुरूप था या नहीं। इसके अलावा अतिरिक्त मंजिलें बनाने ढांचे में बदलाव करने परिसर का पीजी या छात्रावास के रूप में वैध इस्तेमाल और भवन की सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं के पालन की भी जांच की मांग की गई।

    याचिका में सत्य निकेतन हादसे को केवल एक इमारत तक सीमित मामला नहीं माना गया। इसमें दिल्ली के उन इलाकों में छात्रों के आवास की सुरक्षा को लेकर व्यापक चिंता जताई गई, जहां बड़ी संख्या में छात्र पीजी, छात्रावास और निजी आवासों में रहते हैं। इनमें सत्या निकेतन के अलावा विजय नगर, कमला नगर, मुखर्जी नगर, गांधी विहार, नेहरू विहार, हडसन लेन, गुरमंडी, करोल बाग, ओल्ड राजेंद्र नगर और लक्ष्मी नगर शामिल हैं।

    याचिका में इन इलाकों के पीजी, छात्रावास और छात्र आवास परिसरों का तत्काल व्यापक संरचनात्मक सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की गई है। इसमें स्वीकृत भवन योजनाओं, भवन के अनुमत उपयोग, संरचनात्मक मजबूती, अवैध निर्माण, अतिरिक्त मंजिलों, बेसमेंट में किए गए बदलाव, आवासीय अनुमति तथा आग और जीवन सुरक्षा से जुड़े मानकों की जांच शामिल करने की मांग की गई।

    याचिका में मृत छात्रों के निकटतम परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने और घायल छात्रों को उचित मुआवजा देने की मांग भी की गई। हादसे में दिव्यांग हुए छात्रों के लिए रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की गई।

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