पुलिस-रिपोर्ट वाले मामलों में सिर्फ़ राज्य या आरोपी ही जल्द सुनवाई के लिए निर्देश मांग सकते हैं, पीड़ित नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
Shahadat
7 Jan 2026 7:29 PM IST

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस रिपोर्ट से जुड़े मामलों में, सिर्फ़ राज्य या आरोपी ही ट्रायल को जल्दी निपटाने के लिए निर्देश मांग सकते हैं।
जस्टिस गिरीश कथपालिया ने साफ़ किया कि असल शिकायतकर्ता या पीड़ित ऐसी याचिका दायर नहीं कर सकता।
बेंच ने कहा,
“क्योंकि यह मामला राज्य का है, इसलिए असल शिकायतकर्ता की भूमिका सिर्फ़ गवाह तक सीमित है। इसलिए सिर्फ़ राज्य या आरोपी ही ऐसी याचिका दायर कर सकते हैं।”
इस तरह कोर्ट ने शिकायतकर्ता द्वारा दायर याचिका खारिज की, जिसमें ट्रायल कोर्ट से IPC की धारा 420 के तहत दर्ज धोखाधड़ी के मामले में कार्यवाही में तेज़ी लाने के निर्देश देने की मांग की गई।
कोर्ट ने आगे कहा कि शिकायतकर्ता सिर्फ़ उन्हीं स्थितियों में स्वतंत्र रूप से कार्रवाई कर सकता है, जो “कानून में साफ़ तौर पर बताई गईं”, जिसमें पुलिस-रिपोर्ट वाले मामले में जल्द सुनवाई के लिए निर्देश मांगना शामिल नहीं है।
याचिकाकर्ता द्वारा भरोसा किए गए पिछले आदेश से अलग बताते हुए कोर्ट ने कहा कि उसमें अधिकार के मुद्दे की जांच नहीं की गई। यह भी दर्ज किया गया कि ट्रायल कोर्ट की ओर से कोई देरी साफ़ नहीं थी, क्योंकि अभी आरोप तय नहीं हुए।
याचिका को “पूरी तरह से फालतू और कोर्ट के पहले से भरे हुए मामलों पर बोझ” बताते हुए कोर्ट ने इसे ₹10,000 के जुर्माने के साथ खारिज कर दिया।
Case title: Renuka Jain v. State

