'काला हिरण' फ़िल्म के प्रोड्यूसर ने सलमान खान के केस पर रोक लगाने की मांग की, कहा - विवाद पहले ही दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहा है

  • काला हिरण फ़िल्म के प्रोड्यूसर ने सलमान खान के केस पर रोक लगाने की मांग की, कहा - विवाद पहले ही दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहा है

    दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को प्रस्तावित फ़िल्म "काला हिरण: द बैटल फ़ॉर लिगेसी" के मेकर्स की याचिका पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में बॉलीवुड एक्टर सलमान खान द्वारा फ़िल्म की रिलीज़ के ख़िलाफ़ दायर केस पर रोक लगाने की मांग की गई।

    जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने उस एक्टर से जवाब मांगा है जो फ़िल्म की रिलीज़ पर रोक लगवाना चाहते हैं।

    बताया जा रहा है कि यह प्रस्तावित फ़िल्म खान के 1998 के काले हिरण (ब्लैकबक) के शिकार मामले से प्रेरित है।

    प्रोड्यूसर ने अर्ज़ी दायर कर तर्क दिया कि खान द्वारा पहले दायर किए गए केस में भी काफ़ी हद तक यही विवाद चल रहा है।

    यह तर्क दिया गया कि ये कार्यवाही उसी प्रस्तावित फ़िल्म, प्रमोशनल मटीरियल और खान के पर्सनैलिटी या पब्लिसिटी अधिकारों के कथित उल्लंघन से जुड़े समानांतर मुक़दमे के बराबर है।

    प्रोड्यूसर का कहना है कि खान ने पहले ही अपने पर्सनैलिटी अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक केस दायर किया, जिसमें 11 दिसंबर, 2025 को एकतरफ़ा अंतरिम रोक (ex-parte ad-interim injunction) का आदेश दिया गया।

    प्रोड्यूसर के अनुसार, इसके बाद खान ने विशेष रूप से उसी प्रस्तावित फ़िल्म के संबंध में अंतरिम रोक की मांग करते हुए एक अर्ज़ी दायर की, जो अभी भी लंबित है।

    बता दें, 27 जुलाई को एक बेंच ने प्रस्तावित फ़िल्म के टीज़र की रिलीज़ पर रोक लगाने और 23 पहचाने गए URL को हटाने का अंतरिम आदेश दिया था।

    अर्ज़ी में तर्क दिया गया कि केस में मांगी गई मुख्य राहत, यानी प्रस्तावित फ़िल्म और उसके टीज़र की रिलीज़, प्रदर्शन और प्रसार पर रोक लगाना, काफ़ी हद तक वही राहत है जो पहले की कार्यवाही में मांगी गई।

    इसमें यह भी दावा किया गया कि दोनों कार्यवाहियों में कार्रवाई का कारण (Cause of Action) उन्हीं टीज़र, पोस्टर और प्रकाशनों से उत्पन्न होता है, और मूल तथ्यों में कोई महत्वपूर्ण अंतर नहीं है।

    यह तर्क दिया गया कि पहले के केस के साथ-साथ इस केस को भी चलने देने से दो समानांतर कार्यवाहियां हो सकती हैं जिनमें उन्हीं मूल सवालों पर फ़ैसला किया जाएगा।

    इसलिए याचिका में पहले के केस पर फ़ैसला होने तक इस केस की सुनवाई पर रोक लगाने की मांग की गई। इसमें खान की अंतरिम रोक की अर्ज़ी पर आगे विचार करने पर भी रोक लगाने की मांग की गई।

    एक्टर का प्रतिनिधित्व सीनियर एडवोकेट रवि प्रकाश के साथ-साथ अधिवक्ता निज़ाम पाशा, पराग खंडार, चंद्रिमा मित्रा, तपन राडकर, कृष्ण कुमार, ज़ारा धनभूरा, चारु शर्मा ने किया।

    निर्माता का प्रतिनिधित्व अधिवक्ता पुलकित अग्रवाल, सुधांशु कौशेश, अनुभव लांबा, सुधांशु कुमार, रजत कुमार और शुभम के माध्यम से किया गया।

    पिछले महीने, निर्माता ने कोर्ट को बताया था कि फिल्म फिलहाल रिलीज होने योग्य स्थिति में नहीं है क्योंकि इसकी सामग्री को अभी तक सेंसर बोर्ड द्वारा प्रमाणित नहीं किया गया।

    Case Title : Salman Khan v. Amit Jani and Others

    अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

    Next Story