DUSU Polls: स्टूडेंट विंग के सदस्य चुनाव लड़ सकते हैं: दिल्ली हाईकोर्ट, राजनीतिक पार्टियों के दखल के खिलाफ चेतावनी दी
Shahadat
16 Sept 2026 5:57 PM IST

Delhi University
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार (16 सितंबर) को कहा कि कोई छात्र, जो किसी राजनीतिक पार्टी के स्टूडेंट विंग का सदस्य है, उसे दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (DUSU) का चुनाव लड़ने से नहीं रोका जा सकता।
बता दें, लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों में कहा गया है कि कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में छात्र चुनाव राजनीतिक पार्टियों के प्रभाव से मुक्त होने चाहिए।
कोर्ट उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए होने वाले DUSU चुनावों के नोटिफिकेशन को राजनीतिक प्रभाव के आरोपों के आधार पर चुनौती दी गई थी।
हालांकि, चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच ने कहा,
"जब तक कोई व्यक्ति - चाहे वह छात्र ही क्यों न हो और 'रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपल्स एक्ट' के तहत परिभाषित राजनीतिक पार्टी का सदस्य हो - चुनाव प्रक्रिया में भाग नहीं लेता, तब तक केवल उस राजनीतिक पार्टी के स्टूडेंट विंग का सदस्य होने का मतलब यह नहीं होगा कि वह छात्र उस राजनीतिक पार्टी से जुड़ा हुआ है; और इसलिए, यह अपने आप में लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के क्लॉज 6.3.1 का उल्लंघन नहीं होगा।"
लिंगदोह कमेटी की रिपोर्ट के क्लॉज 6.3 के तहत, छात्र संघ के चुनाव पूरी तरह से राजनीतिक पार्टियों के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष प्रभाव से मुक्त होने चाहिए।
क्लॉज 6.3.1 किसी ऐसे व्यक्ति की भागीदारी पर रोक लगाता है जो कॉलेज/यूनिवर्सिटी के रोल पर छात्र नहीं है।
कोर्ट की राय में इस क्लॉज का मतलब यह होगा कि यूनियन की पूरी चुनाव प्रक्रिया और छात्रों का प्रतिनिधित्व राजनीतिक पार्टी से पूरी तरह अलग होना चाहिए।
कोर्ट ने कहा,
"इसके अलावा, अगर कोई ऐसा व्यक्ति जो कॉलेज/यूनिवर्सिटी का वास्तविक छात्र नहीं है, चुनाव प्रक्रिया में भाग लेता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। ऐसी भागीदारी से उसकी उम्मीदवारी भी रद्द हो सकती है। छात्र चुनाव प्रक्रिया में राजनीतिक पार्टियों की भागीदारी पर रोक है।"
इसके साथ ही कोर्ट ने रिट याचिका का निपटारा किया।
Case title: VIJETA v/s UNION OF INDIA AND ORS.


