'दिल्ली का दम घुट जाएगा, भगवान ही बचाए': इंडियन पोलो एसोसिएशन को हटाने के कदम पर हाईकोर्ट ने सवाल उठाए

  • दिल्ली का दम घुट जाएगा, भगवान ही बचाए: इंडियन पोलो एसोसिएशन को हटाने के कदम पर हाईकोर्ट ने सवाल उठाए

    दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार (8 जून) को ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया कि वह इंडियन पोलो एसोसिएशन (IPA) की उस याचिका पर फैसला करे, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा जारी उस नोटिस पर रोक लगाने की मांग की गई थी, जिसमें जनहित का हवाला देते हुए एसोसिएशन को अपनी जगह खाली करने के लिए कहा गया।

    जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने IPA की याचिका का निपटारा किया, लेकिन बेदखली के नोटिस को लेकर केंद्र सरकार के वकील से सवाल किए।

    सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र सरकार के वकील से मौखिक रूप से कहा,

    "यह सब सालों से चल रहा है। आप दिल्ली को क्या बनाना चाहते हैं, यह तो आप ही जानते हैं..."

    जब केंद्र के वकील ने इस कार्रवाई को सही ठहराते हुए कहा कि बेदखली का फैसला "लोगों के कल्याण" के लिए है, तो जज ने मौखिक टिप्पणी की:

    "दिल्ली के लोग किसी छोटे-मोटे पहाड़ पर जाकर रहेंगे। दिल्ली हमारे लिए नहीं बचेगी। यह हमारे पास एक छोटा-सा 'फेफड़ा' (खुली जगह) है और आप उसे भी छीनना चाहते हैं। छीन लीजिए। पक्का कीजिए कि लोग दिल्ली न आएं। इतनी ऊंची-ऊंची इमारतें बनाना, क्या यह जनहित में है? हर तरफ बस ऊंची इमारतें ही हैं।"

    जज ने आगे कहा: "

    NDMC, किसी भी कॉलोनी में चले जाइए, वहां 20-20 मंज़िला घर हैं। हर कॉलोनी को तोड़ दिया गया है। अगर आप दिल्ली को ऐसा ही बनाना चाहते हैं तो भगवान ही हम सबको बचाए।"

    केंद्र के वकील ने कहा कि आबादी बढ़ने के साथ ज़मीन की ज़रूरत होती है और "सरकार को सीमित जगह से ही काम करना पड़ता है।"

    इस पर कोर्ट ने कहा:

    "आपके पास ताकत है, लेकिन दिल्ली का दम घुट जाएगा।"

    कोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए पटियाला हाउस कोर्ट को निर्देश दिया कि वह बुधवार को रोक लगाने की अर्ज़ी पर सुनवाई करे।

    Title: Indian Polo Association v. Union of India

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