दिल्ली दंगे: शरजील इमाम की जमानत याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस से मांगा जवाब
Amir Ahmad
17 July 2026 11:51 AM IST

दिल्ली हाईकोर्ट ने आबकारी नीति भ्रष्टाचार मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की उस याचिका पर जिसमें अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक को बरी किए जाने के आदेश को चुनौती दी गई, तीनों नेताओं को जवाब दाखिल करने के लिए अंतिम अवसर दिया।
जस्टिस मनोज जैन ने कहा कि कोर्ट रजिस्ट्रार से मिली रिपोर्ट के अनुसार तीनों नेताओं ने अब तक अपना जवाब दाखिल नहीं किया।
कोर्ट ने कहा,
"पहले भी कई अवसर दिए जा चुके हैं। फिर भी न्यायहित में जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का एक अंतिम और आखिरी अवसर दिया जाता है। इसकी प्रति पहले से ही दूसरे पक्ष को भी उपलब्ध कराई जाए।"
सुनवाई के दौरान CBI की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू और डी.पी. सिंह उपस्थित हुए। हालांकि, वकीलों की हड़ताल के कारण प्रतिवादी पक्ष की ओर से कोई भी अधिवक्ता उपस्थित नहीं हुआ।
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 17 और 18 अगस्त को दोपहर 2:30 बजे निर्धारित की। इन तारीखों पर CBI अपनी दलीलें पेश करना शुरू करेगी। अदालत ने कहा कि एजेंसी की दलीलें पूरी होने के बाद सभी प्रतिवादियों की बहस के लिए समय-सीमा तय की जाएगी।
कोर्ट ने स्पष्ट किया,
"अदालत को अपेक्षा है कि तय कार्यक्रम का पूरी तरह पालन किया जाएगा ताकि मामले में अब और देरी न हो।"
अदालत ने सभी पक्षों को संक्षिप्त लिखित दलीलें दाखिल करने की भी अनुमति दी और अंतरिम आदेशों को जारी रखा।
हाईकोर्ट ने इस मामले के साथ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की उस याचिका को भी सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया, जिसमें ट्रायल कोर्ट द्वारा सभी आरोपियों को बरी करते समय की गई कुछ प्रतिकूल टिप्पणियों को हटाने की मांग की गई।
गौरतलब है कि इससे पहले यह मामला जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के समक्ष लंबित था। उनके समक्ष सुनवाई का अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक ने बहिष्कार किया था। बाद में मामला जस्टिस मनोज जैन की पीठ को स्थानांतरित कर दिया गया।
27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, के. कविता सहित सभी 23 आरोपियों को बरी किया था। ट्रायल कोर्ट ने अपने फैसले में CBI की जांच पर भी कड़ी टिप्पणी की थी। इसके बाद CBI ने इस आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी।


