एक्टिविस्टों की अवैध पुलिस हिरासत का मामला: दिल्ली हाईकोर्ट रविवार को बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाओं पर करेगा सुनवाई

Shahadat

14 March 2026 8:53 PM IST

  • एक्टिविस्टों की अवैध पुलिस हिरासत का मामला: दिल्ली हाईकोर्ट रविवार को बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाओं पर करेगा सुनवाई

    दिल्ली हाईकोर्ट में कई बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाएं दायर की गईं, जिनमें दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के अधिकारियों पर 10 कार्यकर्ताओं को अवैध रूप से हिरासत में रखने का आरोप लगाया गया।

    इस मामले का ज़िक्र वकील शाहरुख आलम ने चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्सटिस तेजस कारिया की खंडपीठ के सामने किया, जिसने कहा कि इन याचिकाओं पर कल सुनवाई होगी।

    बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाओं में से एक वकील दीक्षा द्विवेदी ने सागरिका राजोरा की ओर से दायर की। इसमें राज्य और पुलिस अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की गई कि वे उनकी बहन लक्षिता राजोरा को तुरंत कोर्ट के सामने पेश करें।

    याचिका में 22 वर्षीय महिला को पेश करने की मांग की गई। इसमें दावा किया गया कि वह 13 मार्च की शाम से दिल्ली यूनिवर्सिटी के पास विजय नगर इलाके से लापता है।

    याचिका के अनुसार, हिरासत में ली गई महिला 13 मार्च की शाम को दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस के पास विजय नगर में स्थित एक छात्र संगठन के दफ़्तर गई थी। इसके बाद रात करीब 8 बजे से उसका कोई पता नहीं चला और उसका फ़ोन भी बंद पाया गया।

    यह आरोप लगाया गया कि उसी दफ़्तर में मौजूद कई अन्य लोग भी उसी समय के आसपास लापता हो गए।

    राजोरा ने एक "गंभीर और ठोस आशंका" जताई कि उनकी बहन को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के अधिकारियों ने अवैध रूप से उठा लिया हो सकता है।

    उन्होंने कहा कि करीब आठ महीने पहले, हिरासत में ली गई महिला और उसके साथियों को इसी एजेंसी द्वारा एक हफ़्ते से ज़्यादा समय तक अवैध हिरासत और कस्टडी में यातना का शिकार बनाया गया, जबकि उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ़्तार नहीं किया गया और न ही किसी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया।

    Title: SAGRIKA RAJORA v. THE STATE (NCT OF DELHI) & ORS and other connected matters

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