पालतू कुत्ते 'हेनरी' से मिलने के अधिकार की मांग: महुआ मोइत्रा की याचिका पर अगले हफ़्ते फैसला करेगा दिल्ली हाईकोर्ट
Shahadat
9 July 2026 10:14 AM IST

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि वह अगले हफ़्ते तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा और उनके पूर्व पार्टनर वकील जय अनंत देहाद्रई के बीच 'हेनरी' (एक रॉटवाइलर कुत्ता) की कस्टडी को लेकर चल रहे विवाद पर सुनवाई करेगा।
जस्टिस जसमीत सिंह ने देहाद्रई के वकील, सीनियर एडवोकेट पर्सिवल बिलिमोरिया से पूछा कि क्या वह मोइत्रा को उस पालतू कुत्ते से मिलने का अधिकार देने के लिए सहमत हैं, जो अभी देहाद्रई की कस्टडी में है।
बिलिमोरिया ने कोर्ट को बताया कि ऐसी व्यवस्था संभव नहीं है।
उन्होंने कहा,
"इसके पीछे कुत्ते के भले के लिए एक बहुत ठोस वजह है। मुझे धमकाने की कोशिश की गई।"
इसके बाद कोर्ट ने कहा कि वह दोनों पक्षों की बात पांच-पांच मिनट सुनेगा और अगले हफ़्ते पालतू कुत्ते से मिलने के अधिकार पर फ़ैसला करेगा।
मोइत्रा और देहाद्रई दोनों ने हेनरी की कस्टडी को लेकर अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं। मोइत्रा ने देहाद्रई के ख़िलाफ़ ज़िला अदालत में मुकदमा दायर किया, जिसमें उन्होंने कुत्ते की जॉइंट कस्टडी (साझा कस्टडी) के लिए उनके बीच हुए ज़ुबानी समझौते को लागू करने की मांग की।
हाईकोर्ट में उन्होंने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें हेनरी की जॉइंट कस्टडी पर उनके पक्ष में अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया गया। मोइत्रा ने अंतरिम उपाय के तौर पर हर महीने 10 दिन के लिए हेनरी की कस्टडी मांगी।
दूसरी ओर, देहाद्रई ने ज़िला अदालत के उस फ़ैसले को चुनौती दी है, जिसमें पिछले साल नवंबर में मोइत्रा के मुकदमे को खारिज करने की उनकी याचिका को नामंजूर कर दिया गया।
हाईकोर्ट में मोइत्रा ने कहा है कि अंतरिम आदेश में ज़िला अदालत ने इस बात पर ध्यान नहीं दिया कि हेनरी उन्हें उनके पालतू कुत्ते के तौर पर दिया गया और वह आम तौर पर उनके घर पर ही रहता था।
इसमें कहा गया कि उनका कुत्ते के साथ माता-पिता जैसा गहरा लगाव हो गया और ज़िला अदालत के आदेश ने उन्हें उस पालतू कुत्ते के प्यार और स्नेह से वंचित कर दिया, जिसे उन्होंने दो साल तक पाला-पोसा था।
इसमें आगे आरोप लगाया गया,
"अपीलकर्ता हेनरी की को-पेरेंट (सह-अभिभावक) थीं। हेनरी मुख्य रूप से अपीलकर्ता के घर पर रहता था, जहाँ से प्रतिवादी ने उसे तब ले लिया था जब वह बिना इजाज़त घर में घुस आया था।"
Title: Mohua Moitra v. Jai Anant Dehadrai and other connected matter


