दिल्ली हाईकोर्ट ने समीर मोदी पर कथित हमले के मामले में बीना मोदी के खिलाफ ट्रायल पर रोक लगाई
Shahadat
18 March 2026 4:53 PM IST

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को उद्योगपति बीना मोदी और सीनियर वकील ललित भसीन के खिलाफ शुरू की गई ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाई। यह मामला 2024 में एक बोर्ड मीटिंग के दौरान गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया (GPI) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर समीर मोदी पर कथित हमले से जुड़ा है।
जस्टिस सौरभ बनर्जी ने मोदी और भसीन द्वारा दायर याचिकाओं पर यह अंतरिम आदेश पारित किया। इन याचिकाओं में उन्होंने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें इस मामले में पेश होने के लिए समन जारी किया गया।
ट्रायल कोर्ट ने फरवरी में दिल्ली पुलिस द्वारा दायर चार्जशीट में बताए गए अपराधों का संज्ञान लिया था और समीर मोदी पर हमला करने के आरोपों के संबंध में तीनों आरोपियों—जिनमें बीना मोदी के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर सुरेंद्र प्रसाद भी शामिल हैं—को समन जारी किया था।
बीना मोदी की ओर से सीनियर वकील मुकुल रोहतगी पेश हुए और उन्होंने दलील दी कि ऐसी कोई घटना हुई ही नहीं थी, जिसके आधार पर ट्रायल कोर्ट समन जारी करने का आदेश दे सकता।
उन्होंने कहा कि अंतरिम आदेश रद्द किया जाना चाहिए, क्योंकि ट्रायल कोर्ट ने जांच अधिकारी (IO) के खिलाफ गलत निष्कर्ष निकाले हैं और यह मानकर आगे बढ़ा है कि जांच अधिकारी के पास किसी को भी—खासकर बीना मोदी को—"दोषमुक्त" करने का अधिकार था; मानो जांच अधिकारी उस मामले में "निर्णायक प्राधिकारी" के तौर पर काम कर रहा हो जिसकी जांच वह खुद कर रहा है।
रोहतगी ने कहा कि ट्रायल कोर्ट के निष्कर्ष पूरी तरह से बेबुनियाद थे।
याचिकाओं पर नोटिस जारी करते हुए कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया। कोर्ट ने दोनों पक्षों से अपने लिखित सारांश (Synopsis) भी दाखिल करने को कहा।
कोर्ट ने कहा,
"इस बीच, लंबित कार्यवाही पर रोक रहेगी..."
दिल्ली पुलिस के अनुसार, 30 मई 2024 को समीर मोदी एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर एक बोर्ड मीटिंग में शामिल होने के लिए GPI के दफ्तर गए।
उन्होंने दावा किया कि बीना मोदी के निर्देश पर प्रसाद ने उन्हें बोर्डरूम में घुसने से रोक दिया, और जब उन्होंने मीटिंग में शामिल होने की ज़िद की तो प्रसाद ने उन पर हमला किया।
समीर मोदी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उनकी दाहिनी तर्जनी (Index Finger) टूट गई, जिसके इलाज के लिए सर्जरी की ज़रूरत पड़ी और उसमें एक स्क्रू व तार लगाया गया। मेडिकल-लीगल सर्टिफिकेट में इस चोट को 'गंभीर' (Grievous) बताया गया। इस घटना का CCTV फुटेज भी इकट्ठा किया गया। समीर मोदी ने आगे आरोप लगाया कि जब उन्होंने बीना मोदी को इस हमले के बारे में बताया तो उन्होंने उनसे बैठने और मीटिंग को आगे बढ़ने देने के लिए कहा; और यह भी कि भासिन ने भी अपनी चोटों के बावजूद मीटिंग जारी रखने पर ज़ोर दिया।
Title: Bina Modi v. State & Anr and other connected matter

