OCI कार्ड मामले में सिद्धार्थ वरदराजन को दिल्ली हाईकोर्ट की फटकार, जमानत शर्तें छिपाने पर केंद्र को जवाब दाखिल करने का समय

Praveen Mishra

25 May 2026 4:37 PM IST

  • OCI कार्ड मामले में सिद्धार्थ वरदराजन को दिल्ली हाईकोर्ट की फटकार, जमानत शर्तें छिपाने पर केंद्र को जवाब दाखिल करने का समय

    दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन की ओसीआई कार्ड से जुड़ी याचिका पर केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए समय दे दिया। यह मामला उस हलफनामे से जुड़ा है, जिसमें वरदराजन ने इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा उन पर लगाई गई जमानत शर्तों का खुलासा नहीं करने को लेकर अपना पक्ष रखा है।

    सिद्धार्थ वरदराजन ने केंद्र सरकार के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें उनके पीआईओ (भारतीय मूल व्यक्ति) कार्ड को ओसीआई (भारत का विदेशी नागरिक) कार्ड में बदलने के अनुरोध को खारिज कर दिया गया था।

    मामले की सुनवाई जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव की पीठ कर रही थी। अदालत को सीनियर एडवोकेट नित्या रामकृष्णन ने बताया कि वरदराजन ने हाईकोर्ट के 14 मई के आदेश के अनुसार अपना हलफनामा दाखिल कर दिया है।

    इसके बाद केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील ने याचिकाकर्ता के हलफनामे पर जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। अदालत ने यह मांग स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई तय की।

    सुनवाई के दौरान जब याचिकाकर्ता की ओर से जुलाई में जल्द सुनवाई की मांग की गई, तब अदालत ने मौखिक रूप से कहा, “जमानत की शर्तों का खुलासा न करके आपके मुवक्किल ने अदालत की सहानुभूति खो दी है।” हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि उसकी पिछली टिप्पणियां केवल प्रथम दृष्टया थीं।

    इससे पहले हाईकोर्ट ने कहा था कि वरदराजन ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के वर्ष 2020 के आदेश को छिपाया, जिसमें यह शर्त लगाई गई थी कि मुकदमे के दौरान वह ट्रायल कोर्ट की अनुमति के बिना भारत नहीं छोड़ सकते और उन्हें अपना पासपोर्ट ट्रायल कोर्ट में जमा करना होगा।

    केंद्र सरकार का कहना है कि इन महत्वपूर्ण तथ्यों को “सुविधाजनक तरीके से” छिपाया गया। वहीं, याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि अदालत को अंतिम राय बनाने से पहले पूरे मामले और परिस्थितियों पर विचार करना चाहिए।

    अब इस मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई को होगी।

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