दिल्ली हाईकोर्ट ने NEET-UG 2026 की आंसर की को चुनौती देने वाली याचिका पर NTA से जवाब मांगा
Shahadat
24 July 2026 9:40 PM IST

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को स्टूडेंट की याचिका पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (अंडर ग्रेजुएट), 2026 की फाइनल आंसर की को चुनौती दी गई।
जस्टिस जसमीत सिंह ने NTA और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से जवाब मांगा।
यह याचिका बायोलॉजी के सवाल को लेकर दायर की गई। इसमें आरोप लगाया गया कि यह सवाल तय NCERT की पाठ्यपुस्तक के खिलाफ है। इसके कारण स्टूडेंट को गलत तरीके से पांच अंक नहीं मिले, जिससे उसकी रैंक और मेडिकल कॉलेज में एडमिशन की संभावनाओं पर बुरा असर पड़ा है।
याचिकाकर्ता बुग्गावेती कृति ने मांग की कि 16 जुलाई की फाइनल आंसर की में टेस्ट बुकलेट कोड 70 के प्रश्न संख्या 143 के लिए दिए गए उत्तर को रद्द किया जाए। साथ ही उनके स्कोर कार्ड में जरूरी बदलाव किए जाएं और सभी संबंधित लाभ दिए जाएं।
याचिका के अनुसार, विवादित सवाल NCERT की कक्षा 12 की बायोलॉजी पाठ्यपुस्तक के "इवोल्यूशन" (विकास) चैप्टर से जुड़ा है, जो NEET के तय सिलेबस का हिस्सा है। विवाद सवाल में दिए गए दो बयानों को लेकर है।
याचिका में कहा गया कि प्रोविजनल आंसर की जारी होने के बाद उन्होंने तय समय के भीतर आपत्ति दर्ज कराई। इसमें आगे कहा गया कि आपत्ति की रसीद उन्हें मिल गई और उन्हें बताया गया कि फाइनल आंसर की जारी करने से पहले विषय के एक्सपर्ट इसकी जांच करेंगे।
हालांकि, आपत्ति के बावजूद, याचिका में कहा गया कि फाइनल आंसर की में 'ऑप्शन 1' को ही सही माना गया और चुनौती को खारिज करने का कोई कारण नहीं बताया गया।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि NTA ने बिना कोई कारण बताए उनकी आपत्ति खारिज करके और तय सिलेबस से मेल न खाने वाली आंसर की को जारी रखकर मनमाना व्यवहार किया।
याचिकाकर्ता की ओर से वकील अभिनय शर्मा, एस लक्ष्मी अय्यर, पूरन चंद रॉय और कीर्ति व्यास पेश हुए।
Title: Buggaveeti Kriti v. National Testing Agency and Anr


