दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा की, अश्लील AI कंटेंट हटाने का आदेश दिया

Shahadat

23 March 2026 7:36 PM IST

  • दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा की, अश्लील AI कंटेंट हटाने का आदेश दिया

    दिल्ली हाईकोर्ट ने बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा करते हुए 'जॉन डो' (John Doe) आदेश पारित किया।

    जस्टिस ज्योति सिंह ने कई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन रिटेलर्स को उनके नाम, रूप, आवाज़ और पर्सनैलिटी से जुड़े अन्य गुणों का बिना इजाज़त इस्तेमाल करने से रोक दिया।

    कोर्ट ने यह आदेश सिन्हा द्वारा दायर अंतरिम रोक याचिका पर दिया, जो उन्होंने कई प्रतिवादियों (Defendants) के खिलाफ दायर अपने मुकदमे में दी थी। इन प्रतिवादियों में अमेरिका स्थित AI चैटबॉट प्लेटफॉर्म और विभिन्न ई-कॉमर्स वेबसाइटें शामिल हैं।

    कोर्ट ने कहा कि प्रतिवादी, जिनमें 'जॉन डो' (अज्ञात संस्थाएं) भी शामिल हैं, एक्ट्रेस की पर्सनैलिटी के विभिन्न तत्वों - जैसे उनके रूप, आवाज़, छवि आदि - का उनकी सहमति या इजाज़त के बिना गैर-कानूनी और अनुचित व्यावसायिक लाभ के लिए गलत तरीके से इस्तेमाल और शोषण कर रहे थे।

    जज ने कहा कि कुछ उल्लंघनकर्ता AI टूल्स का इस्तेमाल करके एक्ट्रेस की ऐसी तस्वीरें होस्ट कर रहे थे, जिनमें उन्होंने अनुचित कपड़े पहने थे और कंटेंट अश्लील था, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को अपूरणीय क्षति पहुंच रही थी।

    कोर्ट ने कहा,

    "वादी (Plaintiff) को अपने नाम, रूप और अपनी पर्सनैलिटी के अन्य सभी गुणों की रक्षा करने का अधिकार है। साथ ही किसी भी तीसरे पक्ष को उनकी सहमति/इजाज़त के बिना इन गुणों का इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं है।"

    कोर्ट ने आगे कहा:

    "निश्चित रूप से वादी को यह शिकायत करने का अधिकार है कि कोई भी ऐसा कंटेंट जो अश्लील पृष्ठभूमि में दिखाया गया हो, या जिसमें उन्हें अनुचित कपड़ों में दिखाया गया हो, और/या जो झूठे तौर पर यह दिखाए कि वे किसी ब्रांड का समर्थन कर रही हैं (जबकि उन्होंने कोई इजाज़त नहीं दी हो), और/या जो उनकी पर्सनैलिटी के गुणों और तत्वों - जैसे उनकी छवियों, आवाज़ आदि - का इस्तेमाल करता हो, उसे सार्वजनिक मंच से तुरंत हटा दिया जाना चाहिए।"

    जस्टिस सिंह ने कहा कि उल्लंघन करने वाला यह कंटेंट, जिसे पूरी तरह से व्यावसायिक या व्यक्तिगत लाभ के लिए होस्ट किया गया, सिन्हा की ज़बरदस्त साख और प्रतिष्ठा को लगातार नुकसान पहुंचा रहा है।

    कोर्ट ने प्रतिवादियों को सिन्हा के नाम, छवि, आवाज़ या रूप का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, किसी भी उद्देश्य के लिए - जिसमें AI टूल्स जैसे चैटबॉट, डीपफेक या जेनरेटिव AI शामिल हैं - बिना इजाज़त इस्तेमाल या शोषण करने से रोक दिया।

    उन्हें ऐसा सामान बेचने या उत्पादों को इस तरह पेश करने से भी रोका गया, जिससे झूठे तौर पर यह लगे कि एक्ट्रेस ने उन उत्पादों का समर्थन किया।

    कोर्ट ने AI प्लेटफॉर्म और वेबसाइटों को निर्देश दिया कि वे शिकायत में पहचाने गए उल्लंघनकारी URL को आदेश मिलने के 36 घंटों के भीतर हटा दें।

    Title: SONAKSHI SINHA v. CHARACTER TECHNOLOGIES INC & ORS

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