सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन अनशन पर दिल्ली हाईकोर्ट गंभीर, केंद्र और दिल्ली सरकार से कल तक मांगा जवाब
Amir Ahmad
15 July 2026 1:31 PM IST

दिल्ली हाईकोर्ट ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के जंतर-मंतर पर चल रहे अनिश्चितकालीन अनशन को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने मामले को अत्यंत जरूरी बताते हुए दोनों सरकारों से कल तक जवाब मांगा।
चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि वह याचिका पर विचार कर रही है, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से वकील मौजूद नहीं होने के कारण मामले की अगली सुनवाई अगले दिन की जाएगी।
कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा,
"हम आपकी याचिका पर सुनवाई कर रहे हैं। मामले को कल सूचीबद्ध करेंगे। केंद्र सरकार से निर्देश प्राप्त करने की आवश्यकता होगी। रजिस्ट्री आज ही इस आदेश की प्रति संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराए।"
यह जनहित याचिका अधिवक्ता राकेश कुमार सैनी ने दायर की। उन्होंने स्वयं अदालत में पेश होकर कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि सामाजिक कार्यकर्ता अपने मौलिक अधिकार का प्रयोग करते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहा है, लेकिन वह पूरे देश के सामने अपने जीवन को खतरे में डाल रहा है।
याचिका में केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को निर्देश देने की मांग की गई कि सोनम वांगचुक को तत्काल सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया जाए और उनकी जान बचाने के लिए आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। याचिका में जरूरत पड़ने पर तरल आहार के माध्यम से पोषण, विटामिन और खनिज देकर चिकित्सकीय हस्तक्षेप करने का भी अनुरोध किया गया।
साथ ही सरकार को सोनम वांगचुक के जीवन और स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश देने की भी मांग की गई।
सोनम वांगचुक 28 जून से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं। उनका यह आंदोलन कथित परीक्षा अनियमितताओं, जिनमें नीट प्रश्नपत्र लीक का मामला भी शामिल है, को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से जुड़ा है। यह प्रदर्शन युवा केंद्रित राजनीतिक संगठन कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में आयोजित किया जा रहा है।
याचिका में कहा गया कि अनशन के तीसरे सप्ताह में प्रवेश करने के साथ ही सोनम वांगचुक की तबीयत लगातार बिगड़ रही है। बताया गया कि उनका वजन आठ किलोग्राम से अधिक घट चुका है और रक्त में शर्करा का स्तर भी कम हो गया।
सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि नोटिस की प्रति अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल और दिल्ली सरकार के स्थायी अधिवक्ता को भी उपलब्ध कराई जाए।


