परिवार की पसंद के व्यक्ति से शादी करने के दबाव का सामने कर रही महिला वकील को हाईकोर्ट ने दी सुरक्षा
Shahadat
20 Sept 2026 5:32 PM IST

दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस को 26 साल की महिला वकील को सुरक्षा देने का निर्देश दिया। महिला ने आरोप लगाया कि परिवार द्वारा चुने गए व्यक्ति से शादी करने से इनकार करने पर उसे माता-पिता और रिश्तेदारों से धमकियां मिल रही है, उस पर दबाव डाला जा रहा है और उसके मामलों में दखल दिया जा रहा है। [2026 LiveLaw (Del) 875]
जस्टिस सौरभ बनर्जी ने महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। महिला ने अपनी जान, व्यक्तिगत आज़ादी और सम्मान की सुरक्षा की मांग की।
बार काउंसिल ऑफ़ दिल्ली (BCD) में रजिस्टर्ड महिला ने दावा किया कि उसके माता-पिता और रिश्तेदार उसे धमका रहे हैं, उस पर दबाव डाल रहे हैं और उसे ज़बरदस्ती अपने घर ले जाकर उसकी मर्ज़ी के ख़िलाफ़ वहाँ रहने के लिए मजबूर करने की कोशिश कर रहे हैं।
उसने यह भी आरोप लगाया कि उस पर अपनी मर्ज़ी के ख़िलाफ़ परिवार की पसंद के व्यक्ति से शादी करने का दबाव डाला जा रहा है।
याचिका के अनुसार, इसके बाद उसने उत्तम नगर में अलग रहने का फ़ैसला किया, लेकिन धमकियाँ और दबाव जारी रहा।
याचिका पर नोटिस जारी करते हुए कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता एक बालिग़ है और उस पर उसकी पूरी तरह से व्यक्तिगत पसंद के मामलों में ज़बरदस्ती की जा रही है।
कोर्ट ने आदेश दिया,
"मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, खासकर याचिकाकर्ता के जीवन और आज़ादी के मौलिक अधिकार की रक्षा के लिए—जो एक बालिग़ होने के बावजूद अपनी व्यक्तिगत पसंद के मामलों में ज़बरदस्ती का सामना कर रही है—उसे SHO से संपर्क करने की आज़ादी होगी..."
कोर्ट ने SHO और संबंधित हेड/बीट कॉन्स्टेबल को निर्देश दिया कि वे कानून के अनुसार ज़रूरत पड़ने पर महिला को उचित मदद और सुरक्षा देने के लिए हर संभव कदम उठाएं।
कोर्ट ने यह भी साफ़ किया कि अगर महिला किसी दूसरे पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में रहने का फ़ैसला करती है तो उसे संबंधित SHO को इस बदलाव के बारे में बताना होगा और शिफ्ट होने के तीन दिनों के भीतर अपना पता समेत पूरी जानकारी देनी होगी।
संबंधित SHO को निर्देश दिया गया कि जब भी ज़रूरत हो, उसे मदद और सुरक्षा देने के लिए हर संभव कदम उठाए।
Title: S v. STATE (GOVT. NCT OF DELHI) & ANR

