दिल्ली हाईकोर्ट ने ड्रग्स मामले की जांच कर रहे अधिकारी के मोबाइल लोकेशन का खुलासा करने के निर्देश को चुनौती देने वाली NCB की याचिका पर नोटिस जारी किया

  • दिल्ली हाईकोर्ट ने ड्रग्स मामले की जांच कर रहे अधिकारी के मोबाइल लोकेशन का खुलासा करने के निर्देश को चुनौती देने वाली NCB की याचिका पर नोटिस जारी किया

    दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा एक विशेष अदालत के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें एक ड्रग्स मामले की जांच कर रहे जांच अधिकारी के मोबाइल लोकेशन विवरण का खुलासा करने का निर्देश दिया गया था।

    जस्टिस रविंदर डुडेजा ने प्रतिवादी, जिसने बीएनएसएस की धारा 94 के तहत जांच अधिकारी के मोबाइल लोकेशन आईडी चार्ट और मोबाइल डेटा को संरक्षित और प्रकट करने की मांग की थी, को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

    प्रतिवादी को कथित तौर पर ड्रग आवश्यकताओं के बारे में ग्राहकों से संवाद करने और अपने शिपर्स के माध्यम से उन्हें साइकोट्रॉपिक पदार्थ भेजने के लिए डार्क वेब प्लेटफॉर्म का उपयोग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

    हालांकि, विशेष अदालत के समक्ष, प्रतिवादी ने अपनी औपचारिक गिरफ्तारी से पहले हिरासत में अनियमितताओं का आरोप लगाया।

    आरोप है कि प्रतिवादी को 19 जुलाई, 2023 को एनसीबी कार्यालय में अवैध रूप से हिरासत में रखा गया था, जबकि सह-आरोपियों के प्रकटीकरण बयान में उसका नाम आया था, जो 20 जुलाई, 2023 को ही दर्ज किए गए थे।

    इसलिए प्रतिवादी ने अपने दावों की पुष्टि के लिए स्थान डेटा की मांग करते हुए BNSS की धारा 94 के तहत एक आवेदन दायर किया था।

    उन्होंने दावा किया कि सेल लोकेशन आईडी चार्ट एनसीबी के जाँच अधिकारी द्वारा हिरासत में की गई अनियमितताओं का खुलासा करने में मददगार होंगे।

    उन्होंने आगे कहा कि दिशानिर्देशों के अनुसार, ऐसे रिकॉर्ड केवल दो साल की अवधि के लिए ही रखे जाते हैं, और इसलिए, निचली अदालत द्वारा आरोप तय करने के बाद आवेदन दायर करना आवश्यक था।

    विशेष अदालत द्वारा इस आवेदन को स्वीकार किए जाने के बाद, NCB ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और तर्क दिया कि इस तरह के खुलासे से परिचालन गोपनीयता, राष्ट्रीय सुरक्षा और चल रही जांच को गंभीर खतरा है।

    इसने मामले के अंतिम निर्णय तक आदेश पर रोक लगाने की भी मांग की है, जिसकी अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी।

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