2020 उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के 'बड़ी साज़िश' मामले में जमानत याचिकाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया

Praveen Mishra

6 Feb 2026 12:56 PM IST

  • 2020 उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के बड़ी साज़िश मामले में जमानत याचिकाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया

    दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े 'बड़ी साज़िश' मामले में दो आरोपियों—अथर खान और सलीम मलिक—द्वारा दायर जमानत याचिकाओं पर नोटिस जारी किया।

    जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मधु जैन की खंडपीठ ने जमानत याचिकाओं पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा और दो सप्ताह के भीतर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।

    सलीम मलिक की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल के खिलाफ लगाए गए आरोप सह-आरोपी मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद के समान हैं, जिन्हें हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। अथर खान की ओर से भी इसी आधार पर 'पैरिटी' (समानता) का तर्क रखते हुए जमानत की मांग की गई।

    वहीं, राज्य की ओर से अधिवक्ता ध्रुव पांडे ने कहा कि यह कहना सही नहीं है कि वर्तमान आरोपी उन्हीं परिस्थितियों में हैं, जिनके आधार पर अन्य आरोपियों को जमानत दी गई थी।

    नोटिस जारी करते हुए अदालत ने ट्रायल कोर्ट का रिकॉर्ड तलब किया और स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई पर किसी भी तरह का स्थगन (adjournment) नहीं दिया जाएगा।

    आरोपियों ने 29 जनवरी को ट्रायल कोर्ट द्वारा उनकी जमानत याचिकाएं खारिज किए जाने के आदेश को चुनौती दी है। मामला Unlawful Activities (Prevention) Act (UAPA) के तहत दर्ज है।

    उल्लेखनीय है कि आरोपी 2019–2020 के दौरान नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के विरोध में हुए प्रदर्शनों से जुड़े छात्र कार्यकर्ता रहे हैं। उन पर फरवरी 2020 के अंतिम सप्ताह में राष्ट्रीय राजधानी में हुए सांप्रदायिक दंगों के पीछे 'बड़ी साज़िश' रचने का आरोप है। इस मामले में कई अन्य आरोपी भी शामिल हैं, जिनमें से कुछ को पहले ही जमानत मिल चुकी है।

    Praveen Mishra

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    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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