MCOCA मामले में पूर्व AAP MLA नरेश बाल्यान की जमानत याचिका से जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने खुद को अलग किया

Praveen Mishra

20 April 2026 3:18 PM IST

  • MCOCA मामले में पूर्व AAP MLA नरेश बाल्यान की जमानत याचिका से जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने खुद को अलग किया

    दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सोमवार को पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक नरेश बाल्यान की जमानत याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग (recuse) कर लिया। यह याचिका महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) के तहत दर्ज एक मामले में दायर की गई थी, जो कथित संगठित अपराध से जुड़ा है। न्यायमूर्ति शर्मा ने बिना कोई कारण बताए मामले से स्वयं को अलग किया और अब यह याचिका 23 अप्रैल को किसी अन्य न्यायाधीश के समक्ष सूचीबद्ध की जाएगी।

    इससे पहले, जनवरी में एक समन्वय पीठ ने बाल्यान को कस्टडी पैरोल देने से इनकार कर दिया था, जिसमें उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी पत्नी का मार्गदर्शन करने की अनुमति मांगी थी। वर्तमान में बाल्यान मंडोली जेल में न्यायिक हिरासत में बंद हैं। यह मामला कथित तौर पर गैंगस्टर कपिल सांगवान द्वारा संचालित एक संगठित अपराध सिंडिकेट से जुड़ा है।

    ट्रायल कोर्ट ने 15 जनवरी 2024 को बाल्यान की जमानत याचिका खारिज कर दी थी और कहा था कि उनके खिलाफ संगठित अपराध सिंडिकेट से जुड़े होने के पर्याप्त सबूत हैं। अदालत ने यह भी टिप्पणी की थी कि बाल्यान समूह के सदस्य के रूप में “लगातार अवैध गतिविधियों” में सक्रिय रूप से शामिल थे। दिल्ली पुलिस ने सांगवान गिरोह के सदस्यों के खिलाफ 16 एफआईआर दर्ज की हैं, जिनमें जबरन वसूली, हिंसा और अन्य आपराधिक गतिविधियों के आरोप लगाए गए हैं। अभियोजन पक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि बाल्यान इस संगठित अपराध सिंडिकेट में “सुविधादाता (facilitator)” की भूमिका निभा रहे थे।

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    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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