केजरीवाल-सिसोदिया की अनुपस्थिति मामले की पैरवी करेंगे एमिक्स क्यूरी, CBI की याचिका पर अब उनके माध्यम से होगी सुनवाई
Amir Ahmad
5 May 2026 5:19 PM IST

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि वह आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक की ओर से तीन सीनियर एडवोकेट को एमिक्स क्यूरी नियुक्त करेगा, क्योंकि इन नेताओं ने कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई की याचिका की सुनवाई का बहिष्कार किया है।
जस्टिस स्वराणा कांता शर्मा ने बुधवार को सुनवाई के दौरान कहा कि संबंधित प्रतिवादी अदालत में उपस्थित नहीं हैं और न ही उनकी ओर से कोई वकील पेश हो रहा है।
अदालत ने कहा,
“प्रतिवादी नंबर 8, 18 और 19 के लिए सीनियर एडवोकेट्स को एमिक्स क्यूरी नियुक्त किया जाएगा।”
पीठ ने आगे कहा कि एमिक्स क्यूरी नियुक्त होने के बाद ही CBI की दलीलें सुनी जाएंगी। अदालत ने संकेत दिया कि नियुक्त एमिक्स क्यूरी के नाम शुक्रवार, 8 मई को तय किए जा सकते हैं।
दरअसल अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों ने जस्टिस शर्मा द्वारा स्वयं को मामले से अलग करने से इनकार किए जाने के बाद सुनवाई का बहिष्कार करने का निर्णय लिया था। उन्होंने अदालत को लिखित रूप से सूचित किया कि वे न व्यक्तिगत रूप से और न ही वकील के माध्यम से इस पीठ के समक्ष पेश होंगे।
गौरतलब है कि 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में केजरीवाल, सिसोदिया, के. कविता सहित सभी 23 आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया था। ट्रायल कोर्ट ने अपने आदेश में CBI की जांच पर भी गंभीर टिप्पणियां की थीं।
इसके खिलाफ CBI ने दिल्ली हाइकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की है। इस याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पहले दृष्टया कहा था कि ट्रायल कोर्ट की कुछ टिप्पणियां त्रुटिपूर्ण प्रतीत होती हैं।
बाद में केजरीवाल, सिसोदिया और अन्य आरोपियों ने पक्षपात की आशंका जताते हुए जस्टिस शर्मा से स्वयं को मामले से अलग करने का अनुरोध किया था, जिसे अदालत ने खारिज किया।
मामला दिल्ली सरकार की वर्ष 2021-22 की आबकारी नीति से जुड़ा है। इस नीति को राजस्व बढ़ाने और शराब व्यापार में सुधार के उद्देश्य से लागू किया गया, लेकिन बाद में अनियमितताओं के आरोपों के बीच इसे वापस ले लिया गया। इसके बाद उपराज्यपाल के आदेश पर CBI जांच शुरू हुई।
CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि नीति के माध्यम से निजी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया और इससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ।
मनीष सिसोदिया को इस मामले में पहली बार 26 फरवरी, 2023 को CBI ने गिरफ्तार किया था, जबकि अरविंद केजरीवाल को 26 जून, 2024 को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया। दोनों नेताओं को बाद में जमानत मिल चुकी है।

