मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली की एक अदालत ने केजरीवाल को 17 फरवरी को पेश होने का आदेश दिया है

Praveen Mishra

7 Feb 2024 5:04 PM IST

  • मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली की एक अदालत ने केजरीवाल को 17 फरवरी को पेश होने का आदेश दिया है

    दिल्ली की एक कोर्ट ने बुधवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ईडी की उस याचिका पर समन जारी किया जिसमें कथित शराब नीति घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में उन्हें जारी समन का पालन नहीं करने का आरोप लगाया गया है।

    राउज एवेन्यू कोर्ट की अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट दिव्या मल्होत्रा ने केजरीवाल को 17 फरवरी को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है।

    कोर्ट ने समन का पालन नहीं करने को लेकर केजरीवाल के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से दायर शिकायत मामले का संज्ञान लिया।

    उन्होंने कहा, 'शिकायत मामले का संज्ञान लिया गया है. 17 फरवरी को समन जारी करने का आदेश दिया जाता है।

    मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें मिले समन का पालन नहीं करने को लेकर प्रवर्तन निदेशालय ने सीएम केजरीवाल के खिलाफ नया शिकायत मामला दर्ज किया है।

    ईडी ने पिछले चार महीनों में इस मामले में केजरीवाल को अब तक पांच समन जारी किए हैं। हालांकि, सीएम ने समन को अवैध बताते हुए छोड़ दिया है।

    ईडी ने भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 174 और पीएमएलए, 2002 की धारा 63 (4) के साथ पठित सीआरपीसी की धारा 190 (1) (ए) के तहत ताजा शिकायत मामला दर्ज किया है।

    सीएम केजरीवाल ने पिछले साल 02 नवंबर और 21 दिसंबर और 03 जनवरी और 18 जनवरी के लिए जारी ईडी के समन की अनदेखी की है। उन्होंने समन नोटिस को 'अवैध' बताया है।

    आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया और संजय सिंह को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया है और वर्तमान में वे न्यायिक हिरासत में हैं।

    ईडी ने आरोप लगाया है कि आबकारी नीति कुछ निजी कंपनियों को थोक व्यापार लाभ 12 प्रतिशत देने की साजिश के तहत लागू की गई है, हालांकि मंत्रियों के समूह (Group of Ministers) की बैठकों के मिनट्स में इस तरह की शर्त का उल्लेख नहीं किया गया था।

    केंद्रीय एजेंसी ने यह भी दावा किया है कि थोक विक्रेताओं को असाधारण लाभ मार्जिन देने के लिए साउथ ग्रुप के साथ विजय नायर और अन्य व्यक्तियों द्वारा समन्वित एक साजिश थी।

    एजेंसी के अनुसार नायर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की ओर से काम कर रहे थे।


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    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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