Cash For Query Row: लोकपाल ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ़ मंज़ूरी पर फैसला करने के लिए और समय मांगने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया
Shahadat
19 Jan 2026 3:08 PM IST

भारत के लोकपाल ने सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता महुआ मोइत्रा के खिलाफ़ कैश फॉर क्वेरी मामले में CBI को चार्जशीट दाखिल करने की मंज़ूरी देने पर फैसला करने के लिए और समय मांगा।
बता दें, पिछले साल हाईकोर्ट ने लोकपाल का आदेश रद्द कर दिया था, जिसमें CBI को उनके खिलाफ़ चार्जशीट दाखिल करने की मंज़ूरी दी गई थी।
कोर्ट ने कहा था कि लोकपाल ने लोकपाल अधिनियम के प्रावधानों को समझने में गलती की। इसलिए लोकपाल से एक महीने के भीतर मंज़ूरी के पहलू पर विचार करने का अनुरोध किया।
लोकपाल ने सोमवार को इस मुद्दे पर फैसला करने के लिए दो महीने का और समय मांगा है।
हालांकि, जस्टिस विवेक चौधरी की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने कहा कि लोकपाल असल में उसी बेंच के आदेश में बदलाव चाहता है, जिसने मंज़ूरी को रद्द कर दिया था। ऐसी परिस्थितियों में बेंच ने कहा कि यह उचित होगा कि नई याचिका उसी बेंच के सामने सूचीबद्ध की जाए। इसके अनुसार, अब यह मामला 23 जनवरी को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया।
महुआ पर बिजनेसमैन और दोस्त दर्शन हीरानंदानी की ओर से सवाल पूछने के बदले कैश लेने का आरोप है।
द इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने यह बात स्वीकार की थी कि उन्होंने अपना संसद लॉग-इन और पासवर्ड हीरानंदानी को दिया था। हालांकि, उन्होंने उनसे कोई कैश लेने के दावे से इनकार किया था।
यह विवाद तब शुरू हुआ, जब दुबे ने लोकसभा स्पीकर को एक शिकायत लिखकर आरोप लगाया कि मोइत्रा ने कथित तौर पर संसद में सवाल पूछने के लिए रिश्वत ली थी। दुबे ने दावा किया कि इन आरोपों की शुरुआत देहाद्रई द्वारा उन्हें लिखे गए एक पत्र से हुई थी।
इसके बाद मोइत्रा ने दुबे, देहाद्रई और मीडिया हाउस को कानूनी नोटिस भेजा, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ़ लगाए गए आरोपों से इनकार किया।
Tile: MAHUA MOITRA v. LOKPAL OF INDIA & ORS

