प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा संपत्तियों का पंजीकरण न होने पर उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण ने जताई नाराजगी

  • प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा संपत्तियों का पंजीकरण न होने पर उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण ने जताई नाराजगी

    उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (UP RERA) के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा अलकनंदा परियोजना के नौ आवंटियों की संपत्तियों का पंजीकरण न करने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है, जबकि UPRERA आदेश और जनवरी 2024 में पूर्णता प्रमाणपत्र (CC) जारी किया गया था। नतीजतन, अध्यक्ष ने सिविल प्रक्रिया संहिता के तहत कार्य के पंजीकरण और निष्पादन को सुनिश्चित करने के लिए सभी नौ मामलों को रेरा के निर्णायक अधिकारी को भेज दिया है।

    इसके अतिरिक्त, यूपीरेरा के अध्यक्ष ने 2016 से आवंटियों को ब्याज के भुगतान के लिए वसूली प्रमाण पत्र जारी करने का निर्देश दिया है, ताकि प्रमोटर की निष्क्रियता के कारण लंबे समय तक देरी की भरपाई की जा सके।

    इसके अलावा, अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि यूपी रेरा के आदेश और पूर्णता प्रमाण पत्र के बावजूद प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा संपत्तियों का पंजीकरण न करना न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि प्राधिकरण के लिए आर्थिक रूप से भी नुकसानदेह है।

    उन्होंने सरकारी अधिकारियों के महत्व पर प्रकाश डाला, जो आवंटियों के नाम पर संपत्तियों के पंजीकरण को सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से सुनिश्चित करते हैं। पंजीकरण और कब्जे में देरी के परिणामस्वरूप ब्याज भुगतान के कारण वित्तीय बोझ बढ़ जाता है।

    उन्होंने आगे उल्लेख किया कि यूपी रेरा की भूमिका रेरा अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार आवंटियों को राहत प्रदान करना है।

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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