ATM से ₹10,000 नहीं निकले, फिर भी खाते से कटे; बैंक को ₹59,600 देने का आदेश

Praveen Mishra

14 Sept 2026 12:36 PM IST

  • ATM से ₹10,000 नहीं निकले, फिर भी खाते से कटे; बैंक को ₹59,600 देने का आदेश

    दिल्ली की जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग-VIII (Central) ने ATM ट्रांजैक्शन में सेवा में कमी के लिए Punjab & Sind Bank को जिम्मेदार ठहराते हुए ग्राहक को कुल ₹59,600 देने का आदेश दिया है।

    आयोग की अध्यक्ष दिव्या ज्योति जैपुरियार और सदस्य डॉ. रश्मि बंसल ने कहा कि केवल ट्रांजैक्शन को “successful” दिखाना यह साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है कि ATM से वास्तव में नकदी निकली थी। बैंक को ATM रिकॉर्ड, CCTV या अन्य तकनीकी साक्ष्य पेश करने चाहिए थे।

    मामला जितेंद्र सिंह का है, जिन्होंने 5 दिसंबर 2022 को Axis Bank के ATM से ₹10,000 निकालने की कोशिश की। उनके खाते से रकम डेबिट हो गई, लेकिन ATM से नकदी नहीं निकली। शिकायत के बावजूद रकम वापस नहीं की गई।

    बैंक ने Axis Bank के हवाले से ट्रांजैक्शन को सफल बताया। हालांकि, आयोग ने कहा कि issuing bank दूसरे बैंक पर जिम्मेदारी नहीं डाल सकता और RBI के नियमों के तहत असफल ATM ट्रांजैक्शन की रकम T+5 दिनों में रिवर्स की जानी चाहिए। देरी पर ₹100 प्रतिदिन मुआवजे का प्रावधान है।

    आयोग ने बैंक को ₹10,000 की वापसी, ₹29,600 विलंब मुआवजा, ₹10,000 मानसिक परेशानी और ₹10,000 मुकदमेबाजी खर्च देने का निर्देश दिया। इस तरह कुल ₹59,600 का भुगतान करना होगा।

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    Praveen Mishra

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    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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