बिरयानी में निकला मरा हुआ कीड़ा, उपभोक्ता आयोग ने रेस्टोरेंट पर लगाया जुर्माना; 10 फ्री बिरयानी प्लेट देने का आदेश

Praveen Mishra

26 May 2026 4:20 PM IST

  • बिरयानी में निकला मरा हुआ कीड़ा, उपभोक्ता आयोग ने रेस्टोरेंट पर लगाया जुर्माना; 10 फ्री बिरयानी प्लेट देने का आदेश

    पुडुचेरी जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने “बिरयानी एंड कंपनी” रेस्टोरेंट को खराब और असुरक्षित खाना परोसने का दोषी ठहराते हुए उपभोक्ता को मुआवजा देने का आदेश दिया है। आयोग ने पाया कि रेस्टोरेंट में परोसी गई बिरयानी में मरी हुई मक्खी/कीड़ा मिला था, जो खाद्य सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी को दर्शाता है।

    मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता पी. सुंदरकुमारा मणिकंदन अपने मित्र के साथ 8 दिसंबर 2025 को पुडुचेरी स्थित “बिरयानी एंड कंपनी” रेस्टोरेंट गए थे। वहां उन्होंने ₹558 का बिल चुकाकर अलग-अलग प्रकार की चिकन बिरयानी खाई। खाने के दौरान शिकायतकर्ता को बिरयानी में एक मरा हुआ कीड़ा दिखाई दिया।

    शिकायतकर्ता ने तुरंत घटना की फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग की, जिसे बाद में आयोग के समक्ष सबूत के रूप में पेश किया गया। शिकायतकर्ता का आरोप था कि रेस्टोरेंट ने बेहद अस्वच्छ और असुरक्षित भोजन परोसा, जिससे उसे मानसिक पीड़ा और स्वास्थ्य संबंधी चिंता हुई।

    आयोग ने पाया कि शिकायतकर्ता द्वारा पेश किए गए फोटो और वीडियो में स्पष्ट रूप से बिरयानी में मृत कीड़ा दिखाई दे रहा था। आयोग ने कहा कि ऐसा खाना परोसना सेवा में कमी और उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है।

    गौरतलब है कि नोटिस मिलने के बावजूद रेस्टोरेंट आयोग के सामने पेश नहीं हुआ, जिसके चलते मामला एकतरफा (ex parte) सुना गया। आयोग ने यह भी नोट किया कि रेस्टोरेंट ने अपने कानूनी जवाब में आरोपों से इनकार किया, लेकिन गूगल रिव्यू के जवाब में घटना पर माफी भी मांगी थी।

    आयोग ने शिकायत आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए रेस्टोरेंट को शिकायतकर्ता को ₹10,000 मुआवजा और ₹3,000 मुकदमेबाजी खर्च देने का आदेश दिया। इसके अलावा सद्भावना के तौर पर रेस्टोरेंट को पांच लगातार रविवार तक शिकायतकर्ता को 10 प्लेट ताजा हैदराबादी चिकन बिरयानी मुफ्त देने का भी निर्देश दिया गया।

    Praveen Mishra

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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