179 दिन की देरी पर NCDRC सख्त, बिल्डर के खिलाफ अपील खारिज

  • 179 दिन की देरी पर NCDRC सख्त, बिल्डर के खिलाफ अपील खारिज

    राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग (NCDRC) ने बिल्डर के खिलाफ दायर एक अपील में 179 दिनों की देरी को माफ करने से इनकार करते हुए अपील को समय-सीमा से बाधित (Time-Barred) मानकर खारिज कर दिया। आयोग ने कहा कि उम्र, आर्थिक कठिनाई, कानूनी सलाह लेने और दस्तावेज जुटाने जैसे कारण "पर्याप्त कारण" नहीं माने जा सकते।

    मामला पंजाब के जीरकपुर स्थित एक परियोजना में व्यावसायिक इकाइयों की बुकिंग से जुड़ा था। शिकायतकर्ता वीरेश बेरी ने कब्जा न मिलने और परियोजना में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य उपभोक्ता आयोग का रुख किया था। राज्य आयोग से आंशिक राहत मिलने के बाद उन्होंने NCDRC में अपील दायर की, लेकिन यह 179 दिन की देरी से दाखिल हुई।

    आयोग ने कहा कि देरी माफ करना अधिकार नहीं, बल्कि विवेकाधीन शक्ति है और इसके लिए पर्याप्त कारण दिखाना आवश्यक है। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए आयोग ने कहा कि उपभोक्ता मामलों में निर्धारित समय-सीमा का उद्देश्य त्वरित न्याय सुनिश्चित करना है। इसलिए देरी माफ करने की अर्जी और अपील दोनों खारिज कर दी गईं।

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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