किडनी स्टोन ऑपरेशन में लापरवाही: डॉक्टर-हॉस्पिटल,1 लाख रुपए का मुआवजा

Praveen Mishra

1 May 2026 2:12 PM IST

  • किडनी स्टोन ऑपरेशन में लापरवाही: डॉक्टर-हॉस्पिटल,1 लाख रुपए का मुआवजा

    दिल्ली राज्य उपभोक्ता आयोग ने मेडिकल लापरवाही के मामले में सर्जन डॉ. राजनिश शर्मा और K.K. Surgical & Maternity Hospital की अपील खारिज कर दी। आयोग ने पाया कि डॉक्टर और अस्पताल यह साबित नहीं कर सके कि मरीज का किडनी स्टोन सफलतापूर्वक हटाया गया था।

    जस्टिस संगीता ढींगरा सहगल (अध्यक्ष) और सदस्य बिमला कुमारी की पीठ ने कहा कि 17.2 मिमी का बड़ा स्टोन महज 3–3.5 महीने में दोबारा बन जाना संभव नहीं है, जैसा कि विशेषज्ञ राय में भी स्पष्ट किया गया।

    मामले की पृष्ठभूमि:

    शिकायतकर्ता मोहम्मद समीर को अप्रैल 2016 में दाहिनी तरफ यूरिटर में किडनी स्टोन पाया गया था और उन्हें सर्जरी की सलाह दी गई। सरकारी अस्पताल में इलाज न मिलने पर उन्होंने निजी अस्पताल K.K. Surgical & Maternity Hospital का रुख किया, जहां 11 जुलाई 2016 को 32,000 रुपये देकर इलाज कराया। डॉक्टर ने ओपन सर्जरी के बजाय DJ स्टेंटिंग प्रक्रिया अपनाई और दावा किया कि इससे स्टोन निकल जाएगा।

    हालांकि, अगस्त 2016 में उन्हें दोबारा भर्ती होना पड़ा और दूसरी प्रक्रिया की गई। इसके बावजूद दर्द बना रहा। बाद में दूसरी जगह जांच कराने पर पता चला कि स्टोन न केवल मौजूद है बल्कि उसका आकार बढ़ गया है। जब उन्होंने अस्पताल से संपर्क किया, तो डॉक्टर ने कहा कि पुराना स्टोन हट चुका था और यह नया स्टोन है, जिसके इलाज के लिए फिर से भुगतान करना होगा।

    आयोग के निष्कर्ष:

    आयोग ने पाया कि अस्पताल ऑपरेशन से जुड़े जरूरी रिकॉर्ड (OT नोट्स) और ठोस मेडिकल साक्ष्य पेश नहीं कर सका। साथ ही, प्रस्तुत एक्स-रे रिपोर्ट भी प्रमाणित नहीं थी और उसमें कई विसंगतियां थीं। विशेषज्ञ राय के आधार पर आयोग ने माना कि इतने बड़े स्टोन का इतने कम समय में दोबारा बनना संभव नहीं है।

    इन तथ्यों के आधार पर आयोग ने मेडिकल लापरवाही और सेवा में कमी को सही ठहराते हुए जिला आयोग के 1 लाख रुपये मुआवजा और 15,000 रुपये मुकदमा खर्च के आदेश को बरकरार रखा।

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