MRP ₹18, फिर भी ₹25 में बेची पानी की बोतल: उपभोक्ता आयोग ने लगाया ₹7 लाख का जुर्माना

Praveen Mishra

17 Sept 2026 6:06 PM IST

  • MRP ₹18, फिर भी ₹25 में बेची पानी की बोतल: उपभोक्ता आयोग ने लगाया ₹7 लाख का जुर्माना

    जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, काकीनाडा ने अन्नवरम स्थित श्री वीरा वेंकट सत्यनारायण स्वामी देवस्थानम परिसर में संचालित एक लाइसेंसी दुकान द्वारा पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर की बोतल निर्धारित MRP से अधिक कीमत पर बेचने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है।

    आयोग ने दुकानदार को ₹7 लाख की दंडात्मक क्षतिपूर्ति (Punitive Damages) उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, दुकानदार को ग्राहक को ₹7 अतिरिक्त राशि वापस करने, ₹10,000 मुआवजा और ₹5,000 मुकदमेबाजी खर्च देने का आदेश दिया गया है।

    ₹18 की बोतल के लिए वसूले ₹25

    मामला शिकायतकर्ता डी. वेंकटेश्वर राव से जुड़ा है। उन्होंने 22 फरवरी 2026 को अन्नवरम मंदिर परिसर में एक लाइसेंसी दुकान से एक लीटर पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर खरीदा था।

    शिकायतकर्ता के अनुसार, बोतल पर MRP ₹18 अंकित थी, लेकिन दुकानदार ने उनसे ₹25 वसूले। भुगतान UPI के जरिए किया गया। दुकानदार ने कथित तौर पर दावा किया कि उसे MRP से अधिक कीमत लेने की अनुमति है।

    इसके बाद शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता आयोग का रुख किया।

    दुकानदार की दलील पर आयोग ने उठाए सवाल

    दुकानदार ने ओवरचार्जिंग से इनकार करते हुए दावा किया कि ₹25 का UPI भुगतान केवल पानी की बोतल के लिए नहीं, बल्कि कोल्ड ड्रिंक और बिस्किट के लिए था।

    आयोग ने इस बचाव को विरोधाभासी माना। दुकानदार ने एक ओर पानी की बोतल की बिक्री से इनकार किया, वहीं दूसरी ओर ₹25 के भुगतान को अन्य सामान की खरीद से जोड़ दिया।

    बिल, सीसीटीवी फुटेज या अन्य संबंधित रिकॉर्ड पेश नहीं किए जाने पर आयोग ने दुकानदार के खिलाफ प्रतिकूल निष्कर्ष निकाला और माना कि ₹18 MRP वाली पानी की बोतल के लिए ₹25 वसूले गए।

    मंदिर प्रशासन को नहीं ठहराया जिम्मेदार

    मंदिर प्रशासन ने कहा कि दुकान एक स्वतंत्र लाइसेंसी द्वारा संचालित थी और मंदिर प्रशासन ने अधिक कीमत वसूलने की अनुमति नहीं दी थी। आयोग ने मंदिर प्रशासन के खिलाफ कोई मौद्रिक दायित्व तय नहीं किया।

    हालांकि, लाइसेंसिंग प्राधिकरण होने के कारण मंदिर प्रशासन को सभी लाइसेंसी दुकानों में MRP का प्रमुखता से प्रदर्शन, प्रभावी शिकायत व्यवस्था और श्रद्धालुओं को MRP से अधिक भुगतान न करने के संबंध में सार्वजनिक घोषणाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

    45 दिन में करना होगा भुगतान

    आयोग ने कहा कि MRP से अधिक कीमत वसूलना अनुचित व्यापार व्यवहार और सेवा में कमी है। विशेष रूप से बड़े तीर्थस्थलों पर उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए केवल अतिरिक्त राशि वापस करना पर्याप्त नहीं है।

    आयोग ने सभी निर्देशों का 45 दिनों के भीतर पालन करने को कहा है। ऐसा न करने पर संबंधित मौद्रिक राशि पर 9% सालाना ब्याज लगेगा।

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    Praveen Mishra

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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