निरीक्षण से पहले दोषपूर्ण उत्पाद हटाने पर उपभोक्ता शिकायत सुनवाई योग्य नहीं: दिल्ली राज्य आयोग

Praveen Mishra

24 March 2026 12:15 PM IST

  • निरीक्षण से पहले दोषपूर्ण उत्पाद हटाने पर उपभोक्ता शिकायत सुनवाई योग्य नहीं: दिल्ली राज्य आयोग

    दिल्ली राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग (अध्यक्ष जस्टिस संगीता ढींगरा सहगल और सदस्य बिमला कुमारी) ने सैमसंग इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स प्रा. लि. के खिलाफ दायर अपील को खारिज कर दिया। आयोग ने कहा कि जब शिकायतकर्ता ने कथित रूप से खराब रेफ्रिजरेटर को पहले ही नष्ट/बेच दिया, तो उसकी जांच संभव नहीं रही और दोष का सत्यापन नहीं किया जा सकता।

    आयोग ने जिला उपभोक्ता आयोग के आदेश को बरकरार रखते हुए कहा कि जब उत्पाद ही निरीक्षण के लिए उपलब्ध नहीं है, तो दोष से संबंधित विवाद का निपटारा नहीं किया जा सकता।

    संक्षिप्त तथ्य:

    शिकायतकर्ता सुभाष चंद्र गुप्ता ने 27 अप्रैल 2019 को ₹30,700 में सैमसंग का रेफ्रिजरेटर खरीदा था। कुछ समय तक ठीक से चलने के बाद 3 अक्टूबर 2023 को उसमें दरारें आ गईं, जिसके बाद उन्होंने कंपनी में शिकायत दर्ज कराई।

    कंपनी के तकनीशियन ने निरीक्षण के बाद बताया कि यह खराबी ठीक नहीं की जा सकती और कंपनी घटित (depreciated) मूल्य के रूप में मुआवजा देगी। नवंबर 2023 के पहले सप्ताह में कंपनी का एक अधिकारी ₹9,000 का डिमांड ड्राफ्ट लेकर आया, लेकिन भुगतान से पहले रेफ्रिजरेटर का निरीक्षण करना चाहता था।

    शिकायतकर्ता ने बताया कि वह नया रेफ्रिजरेटर खरीद चुके हैं और पुराने को हटा दिया है। इस पर कंपनी ने भुगतान देने से इंकार कर दिया।

    इसके बाद शिकायतकर्ता ने सेवा में कमी (deficiency in service) का आरोप लगाते हुए उपभोक्ता आयोग में शिकायत दायर की, जिसे जिला आयोग ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उत्पाद निरीक्षण के लिए उपलब्ध नहीं है। इसके खिलाफ अपील राज्य आयोग में दायर की गई।

    पक्षकारों के तर्क

    सैमसंग इंडिया ने तर्क दिया कि शिकायतकर्ता ने शिकायत दर्ज करने से पहले ही उत्पाद को हटा दिया था, जिससे कथित दोष की जांच असंभव हो गई। इसलिए शिकायत सुनवाई योग्य नहीं है और जिला आयोग का आदेश सही है।

    आयोग की टिप्पणी व निर्णय

    आयोग ने पाया कि शिकायतकर्ता ने स्वयं स्वीकार किया है कि उसने रेफ्रिजरेटर को अंतिम निरीक्षण से पहले ही हटा दिया था। आयोग ने कहा कि:

    किसी उत्पाद में दोष के दावे के मामलों में उसका उपलब्ध होना अत्यंत आवश्यक है

    इससे निर्माता को निरीक्षण का अवसर मिलता है

    और दोष की पुष्टि की जा सकती है

    चूंकि रेफ्रिजरेटर निरीक्षण के लिए उपलब्ध नहीं था और उसका सत्यापन संभव नहीं था, इसलिए मामले का गुण-दोष के आधार पर निर्णय नहीं किया जा सकता।

    अंततः आयोग ने जिला आयोग के आदेश में कोई त्रुटि नहीं पाई और अपील को खारिज कर दिया। साथ ही, लागत (costs) के संबंध में कोई आदेश पारित नहीं किया गया।

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