एक्सपायरी प्रोडक्ट बेचने पर Amazon और विक्रेता दोषी: उपभोक्ता आयोग

Praveen Mishra

20 April 2026 5:59 PM IST

  • एक्सपायरी प्रोडक्ट बेचने पर Amazon और विक्रेता दोषी: उपभोक्ता आयोग

    उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, त्रिशूर ने एक महत्वपूर्ण फैसले में विक्रेता Mosaic Wellness Pvt. Ltd. और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Amazon Seller Services Pvt. Ltd. को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार (unfair trade practice) का दोषी ठहराया। आयोग ने कहा कि मानव उपभोग के लिए निर्धारित उत्पाद को एक्सपायरी के बाद बेचना स्पष्ट रूप से अनुचित व्यापार व्यवहार है।

    मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता ने 14 मार्च 2024 को अमेज़न के माध्यम से ₹799 में “हेयर गमीज़” खरीदी थी, जो 17 मार्च को डिलीवर हुई। उपभोक्ता ने छह दिनों तक इसका सेवन किया, जिसके दौरान उसे पेट दर्द, उल्टी और चक्कर आने की शिकायत हुई। बाद में पैकेजिंग जांचने पर पता चला कि उत्पाद फरवरी 2024 में ही एक्सपायर हो चुका था।

    इसके बाद उपभोक्ता ने 23 मार्च 2024 को रिफंड के लिए आवेदन किया, लेकिन प्लेटफॉर्म ने यह कहते हुए मना कर दिया कि यह “नॉन-रिटर्नेबल” आइटम है और रिटर्न विंडो समाप्त हो चुकी है। शिकायतकर्ता ने इसे सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार बताते हुए आयोग का रुख किया। नोटिस के बावजूद दोनों कंपनियां उपस्थित नहीं हुईं, जिसके चलते मामला एकतरफा (ex-parte) सुना गया।

    आयोग ने अपने फैसले में कहा कि एक्सपायरी के बाद उत्पाद की बिक्री अनुचित व्यापार व्यवहार है और रिटर्न पॉलिसी का हवाला देकर रिफंड से इनकार करना सेवा में कमी है। हालांकि, स्वास्थ्य संबंधी दावों के पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले, लेकिन मानसिक पीड़ा और असुविधा को स्वीकार किया गया।

    आयोग ने शिकायत आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए कंपनियों को ₹799 की राशि लौटाने, ₹25,000 मुआवजा और ₹5,000 मुकदमा खर्च देने का निर्देश दिया। साथ ही, शिकायत दायर करने की तिथि से भुगतान तक 9% वार्षिक ब्याज देने का भी आदेश दिया।

    Praveen Mishra

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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