होम लोन चुकाने के बाद भी नहीं लौटाए मूल दस्तावेज, LIC Housing Finance पर ₹10 लाख का जुर्माना

Praveen Mishra

21 May 2026 10:11 AM IST

  • होम लोन चुकाने के बाद भी नहीं लौटाए मूल दस्तावेज, LIC Housing Finance पर ₹10 लाख का जुर्माना

    दिल्ली राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (LIC Housing Finance Ltd.) को सेवा में कमी (Deficiency in Service) का दोषी ठहराते हुए मूल संपत्ति दस्तावेज खोने के मामले में शिकायतकर्ता को ₹10 लाख मुआवजा देने के आदेश को बरकरार रखा।

    आयोग ने कहा कि गृह ऋण की पूरी राशि चुकाए जाने के बावजूद वित्त कंपनी द्वारा मूल टाइटल डीड वापस न करना गंभीर लापरवाही है।

    मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता श्रीमती बिंदु रॉय ने वर्ष 1995 में नई दिल्ली स्थित एक संपत्ति खरीदने के लिए एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस से ₹1 लाख का गृह ऋण लिया था।

    बाद में फ्लैट के नवीनीकरण के लिए ₹2 लाख का अतिरिक्त ऋण भी प्राप्त किया। शिकायतकर्ता के अनुसार, संपत्ति के मूल दस्तावेज बंधक सुरक्षा (Mortgage Security) के रूप में कंपनी के पास जमा किए गए थे, जिसकी पुष्टि कंपनी ने 1996 में जारी एक प्रमाणपत्र में भी की थी।

    अगस्त 2010 में पूरा ऋण चुकाने के बाद शिकायतकर्ता ने कई पत्र लिखकर मूल बिक्री विलेख (Original Sale Deed) और अन्य दस्तावेज वापस मांगे, लेकिन कंपनी ने न तो दस्तावेज लौटाए और न ही उनके गायब होने के संबंध में कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण दिया।

    इससे परेशान होकर शिकायतकर्ता ने जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया और दस्तावेजों के नुकसान एवं उससे हुई मानसिक पीड़ा के लिए मुआवजे की मांग की। जिला आयोग ने शिकायत स्वीकार करते हुए एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस को ₹10 लाख मुआवजा देने का निर्देश दिया था।

    इस आदेश को चुनौती देते हुए कंपनी ने राज्य आयोग में अपील दायर की और दावा किया कि शिकायतकर्ता ने कभी मूल बिक्री विलेख जमा ही नहीं किया था। कंपनी ने यह भी तर्क दिया कि ₹10 लाख का मुआवजा अत्यधिक और अनुपातहीन है, क्योंकि दस्तावेजों के किसी दुरुपयोग या वास्तविक नुकसान का प्रमाण नहीं है।

    हालांकि, राज्य आयोग ने कंपनी की दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि कंपनी स्वयं द्वारा जारी प्रमाणपत्र से यह स्पष्ट होता है कि मूल दस्तावेज उसके पास बंधक के रूप में जमा थे।

    आयोग ने यह भी कहा कि मूल संपत्ति दस्तावेजों का खो जाना किसी संपत्ति मालिक की संपत्ति बेचने या उस पर पुनः ऋण लेने की क्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है और इससे संपत्ति का बाजार मूल्य भी कम हो सकता है।

    आयोग ने माना कि जिला आयोग ने रिकॉर्ड पर उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों का सही मूल्यांकन किया है। इसी आधार पर राज्य आयोग ने एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस की अपील खारिज करते हुए ₹10 लाख मुआवजा देने के आदेश को बरकरार रखा।

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