कार सर्विसिंग में लापरवाही से इंजन खराब: उपभोक्ता आयोग ने अधिकृत सर्विस सेंटर पर लगाया ₹1 लाख हर्जाना और मरम्मत का आदेश

Praveen Mishra

15 May 2026 4:43 PM IST

  • कार सर्विसिंग में लापरवाही से इंजन खराब: उपभोक्ता आयोग ने अधिकृत सर्विस सेंटर पर लगाया ₹1 लाख हर्जाना और मरम्मत का आदेश

    आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने मारुति ब्रेज़ा कार की सर्विसिंग में लापरवाही बरतने पर अधिकृत सर्विस सेंटर आदर्शा ऑटोमोटिव्स प्राइवेट लिमिटेड को सेवा में कमी और लापरवाही का दोषी ठहराया है। आयोग ने कहा कि समय पर इंजन कूलेंट की सही जांच और बदलाव न करने के कारण वाहन का इंजन ओवरहीट होकर खराब हो गया।

    मामला कुरनूल की सरकारी शिक्षिका पी. मसुम्बी से जुड़ा है, जिन्होंने आरोप लगाया कि वह नियमित रूप से अपनी मारुति ब्रेज़ा की सर्विसिंग अधिकृत सर्विस सेंटर से कराती थीं, लेकिन सर्विस सेंटर ने मेंटेनेंस शेड्यूल के अनुसार कूलेंट नहीं बदला। अगस्त 2025 में पति के डायलिसिस उपचार के लिए यात्रा के दौरान कार शादनगर के पास अचानक ओवरहीट होकर बंद हो गई।

    बाद में दूसरे वर्कशॉप में जांच के दौरान पता चला कि वाहन में पर्याप्त कूलेंट नहीं था। इसके बाद कार को आदर्शा ऑटोमोटिव्स के वर्कशॉप ले जाया गया, जहां इंजन मरम्मत के लिए ₹1.79 लाख का अनुमान दिया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पहले सर्विस सेंटर ने मुफ्त मरम्मत का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में जिम्मेदारी से इनकार कर दिया।

    सुनवाई के दौरान आयोग ने सर्विस रिकॉर्ड, बिल, व्हाट्सएप संदेश और आंतरिक ईमेल की जांच की। आयोग ने पाया कि सर्विस सेंटर के दावों में विरोधाभास था और जरूरी कूलेंट रिप्लेसमेंट की जगह केवल “टॉप-अप” किया गया था। आयोग ने माना कि सर्विस सेंटर की लापरवाही के कारण ही इंजन को नुकसान पहुंचा।

    आयोग ने आदेश दिया कि सर्विस सेंटर या तो वाहन का इंजन मुफ्त में ठीक कर सड़क योग्य स्थिति में लौटाए या फिर ₹1,79,623 मरम्मत खर्च के रूप में अदा करे। साथ ही आयोग ने टोइंग खर्च, वैकल्पिक यात्रा और मानसिक पीड़ा के लिए ₹1 लाख तथा मुकदमेबाजी खर्च के रूप में ₹5,000 देने का भी निर्देश दिया।

    Praveen Mishra

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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