अनधिकृत क्रेडिट कार्ड लेन-देन मामला: उपभोक्ता आयोग ने कोटक महिंद्रा बैंक के खिलाफ शिकायत खारिज की

Praveen Mishra

27 Dec 2025 7:42 PM IST

  • अनधिकृत क्रेडिट कार्ड लेन-देन मामला: उपभोक्ता आयोग ने कोटक महिंद्रा बैंक के खिलाफ शिकायत खारिज की

    चंडीगढ़ जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, जिसमें अध्यक्ष अमरिंदर सिंह सिद्धू और सदस्य बी.एम. शर्मा शामिल थे, ने कोटक महिंद्रा बैंक के खिलाफ दर्ज उपभोक्ता शिकायत को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि कथित अनधिकृत क्रेडिट कार्ड लेन-देन से संबंधित विवाद अभी जांच के चरण में है और बैंक द्वारा अंतिम रूप से निपटाया नहीं गया है, इसलिए शिकायत समय से पूर्व (premature) है।

    मामले के तथ्य

    शिकायतकर्ता जोगिंदर सिंह ने 15 जनवरी 2025 की क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट की जांच के दौरान 23 दिसंबर 2024 को हुई ₹19,520.29 और ₹31,040.25 की दो अनधिकृत ट्रांजैक्शन नोटिस कीं। उन्होंने कहा कि इन लेन-देन के संबंध में उन्हें कोई अलर्ट प्राप्त नहीं हुआ। शिकायतकर्ता के अनुसार, कस्टमर केयर से संपर्क करने पर दोनों राशि उसी दिन अस्थायी रूप से वापस कर दी गईं, लेकिन बाद में ₹19,520.29 की राशि “जांच लंबित” बताते हुए रोक ली गई, जबकि ₹31,040.25 को “अन्‍बिल्‍ड (बकाया)” दिखाया गया और भुगतान न करने पर अतिरिक्त चार्ज लगाने की चेतावनी दी गई। समाधान न मिलने पर शिकायतकर्ता ने राशि वापसी, ब्याज, हर्जाना और मुकदमा खर्च की मांग करते हुए आयोग का रुख किया।

    प्रतिवादी—कोटक महिंद्रा बैंक, उसका नोडल अधिकारी और भारतीय रिज़र्व बैंक—नोटिस के बावजूद उपस्थित नहीं हुए और उन्हें एकतरफा कार्यवाही (ex-parte) में रखा गया।

    आयोग के निष्कर्ष

    अभिलेख व दलीलें देखने के बाद आयोग ने कहा कि स्वयं शिकायतकर्ता के अनुसार ₹19,520.29 वाली ट्रांजैक्शन अब भी जांचाधीन है और बैंक द्वारा अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। वहीं ₹31,040.25 के संबंध में 11 अगस्त 2025 के नोडल अधिकारी के ई-मेल में स्पष्ट था कि राशि की वापसी लाभार्थी बैंक की प्रतिक्रिया पर निर्भर है।

    इस आधार पर आयोग ने माना कि दोनों लेन-देन से जुड़ा विवाद अभी “अंतिम रूप से निपटाया नहीं गया” है, अतः इस स्तर पर कोई निष्कर्ष रिकॉर्ड करना उपयुक्त नहीं होगा और शिकायत समयपूर्व है।

    फलस्वरूप, शिकायत खारिज कर दी गई, हालांकि शिकायतकर्ता को यह स्वतंत्रता दी गई कि बैंक द्वारा अंतिम निर्णय होने के बाद वह विधि के अनुसार उपयुक्त मंच पर उसे चुनौती दे सकता है।

    Praveen Mishra

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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