CCPA की सख्ती: होटल बिल में 'LPG/गैस चार्ज' पर रोक, बताया अनुचित व्यापार प्रथा
Praveen Mishra
28 March 2026 12:10 PM IST

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने होटल और रेस्टोरेंट द्वारा बिल में “LPG चार्ज”, “गैस सरचार्ज” या “फ्यूल कॉस्ट रिकवरी” जैसे अतिरिक्त शुल्क जोड़ने पर रोक लगाते हुए एडवाइजरी जारी की है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि ऐसी वसूली उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत अनुचित व्यापार प्रथा मानी जा सकती है।
यह कदम उन कई शिकायतों के बाद उठाया गया है, जिनमें सामने आया कि रेस्टोरेंट्स मेन्यू कीमत और टैक्स के अलावा ये अतिरिक्त चार्ज अपने आप जोड़ रहे थे।
CCPA ने कहा कि LPG, ईंधन और बिजली जैसे खर्च किसी भी व्यवसाय के संचालन का हिस्सा होते हैं और इन्हें पहले से ही खाने-पीने की कीमत में शामिल किया जाना चाहिए। इन खर्चों के नाम पर अलग से शुल्क लेना पारदर्शिता की कमी दर्शाता है और उपभोक्ताओं को गुमराह करता है।
प्राधिकरण ने यह भी साफ किया कि ऐसे शुल्कों को अलग-अलग नाम देकर नियमों से बचने की कोशिश—जैसे पहले “सर्विस चार्ज” के मामले में हुआ—भी उल्लंघन ही माना जाएगा। रेस्टोरेंट्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि मेन्यू में दी गई कीमत ही अंतिम कीमत हो (सिर्फ टैक्स अलग हो सकता है) और कोई भी छिपा हुआ या अनिवार्य अतिरिक्त शुल्क न लगाया जाए।
अगर किसी उपभोक्ता के बिल में ऐसा चार्ज जुड़ा हो, तो वह रेस्टोरेंट से उसे हटाने की मांग कर सकता है। समस्या का समाधान न होने पर उपभोक्ता नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (1915) पर शिकायत दर्ज कर सकता है, उपभोक्ता आयोग का रुख कर सकता है या जिला प्रशासन को इसकी सूचना दे सकता है।

