JEE Advanced 2024 परिणामों से जुड़े भ्रामक विज्ञापनों पर नारायणा एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस पर ₹8 लाख का जुर्माना, CCPA ने तत्काल रोक लगाने का दिया निर्देश

Praveen Mishra

27 Jun 2026 11:28 AM IST

  • JEE Advanced 2024 परिणामों से जुड़े भ्रामक विज्ञापनों पर नारायणा एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस पर ₹8 लाख का जुर्माना, CCPA ने तत्काल रोक लगाने का दिया निर्देश

    केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने JEE Advanced 2024 के परिणामों से जुड़े भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित करने के मामले में नारायणा एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस पर ₹8 लाख का जुर्माना लगाया है। प्राधिकरण ने पाया कि संस्थान ने सफल छात्रों द्वारा किए गए पाठ्यक्रमों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी छिपाकर अभिभावकों और छात्रों को गुमराह किया।

    CCPA ने यह कार्रवाई स्वतः संज्ञान (suo motu) लेते हुए संस्थान की वेबसाइट, फेसबुक पेज और The Times of India में प्रकाशित विज्ञापनों की जांच के बाद की। जांच में पाया गया कि विज्ञापनों से यह आभास कराया गया कि सभी रैंक धारक नियमित कक्षा (Regular Classroom) के छात्र थे, जबकि उनमें से कई डिस्टेंस लर्निंग प्रोग्राम (DLP) में नामांकित थे। साथ ही, श्रेणी रैंक (Category Rank) से संबंधित डिस्क्लेमर अत्यंत छोटे और अपठनीय अक्षरों में प्रकाशित किया गया था।

    प्राधिकरण ने नारायणा की इस दलील को खारिज कर दिया कि स्थान की कमी के कारण पाठ्यक्रम संबंधी जानकारी प्रकाशित नहीं की जा सकी। CCPA ने कहा कि किसी छात्र ने कौन-सा कोर्स किया, यह जानकारी छात्रों और अभिभावकों के लिए शैक्षणिक संस्थान चुनते समय महत्वपूर्ण होती है। प्राधिकरण ने यह भी पाया कि संस्थान द्वारा प्रस्तुत कई दस्तावेजों में कमियां थीं, जिनमें बिना हस्ताक्षर वाले नामांकन फॉर्म और अधूरे रिकॉर्ड शामिल थे।

    इन तथ्यों के आधार पर CCPA ने माना कि विज्ञापन उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत भ्रामक हैं। इसलिए प्राधिकरण ने नारायणा एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस पर ₹8 लाख का जुर्माना लगाया, भ्रामक विज्ञापनों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्देश दिया तथा भविष्य में ऐसे सभी विज्ञापनों में छात्रों द्वारा किए गए पाठ्यक्रम की सही और पूर्ण जानकारी तथा स्पष्ट और प्रमुख रूप से डिस्क्लेमर प्रकाशित करने का आदेश दिया।

    Praveen Mishra

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

    Next Story