बोर्डिंग से गलत तरीके से रोका, एयर अरेबिया को टिकट राशि लौटाने और ₹1.20 लाख मुआवजा देने का आदेश
Praveen Mishra
9 July 2026 2:21 PM IST

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, कोयंबटूर ने एयर अरेबिया को सेवा में कमी (Deficiency in Service) का दोषी ठहराते हुए कहा कि एयरलाइन ने एक यात्री को यह कहकर मनमाने ढंग से बोर्डिंग से वंचित कर दिया कि उसका पासपोर्ट "मशीन रीडेबल" नहीं है। आयोग ने कहा कि एयरलाइन इस दावे के समर्थन में कोई वैध आधार प्रस्तुत नहीं कर सकी, जबकि शिकायतकर्ता ने उसी दिन उसी पासपोर्ट के आधार पर दूसरी एयरलाइन से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की यात्रा की और वहां के आव्रजन अधिकारियों ने भी उसे बिना किसी आपत्ति के प्रवेश दिया।
मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता मणिकंदन नागराज ने 12 जून 2025 को कोयंबटूर से शारजाह जाने के लिए एयर अरेबिया की पुष्टि की गई टिकट बुक कराई थी। बोर्डिंग के समय एयरलाइन ने उनका पासपोर्ट "मशीन रीडेबल नहीं" होने का हवाला देकर उन्हें यात्रा करने से रोक दिया। शिकायतकर्ता ने बताया कि इसी पासपोर्ट से वह एक माह पहले चीन की यात्रा कर चुके थे और किसी भी देश या एयरलाइन ने कोई आपत्ति नहीं उठाई थी। जरूरी काम होने के कारण उन्होंने उसी दिन कोच्चि से दुबई के लिए दूसरी एयरलाइन की टिकट बुक की और उसी पासपोर्ट पर सफलतापूर्वक यात्रा भी की।
आयोग ने माना कि शिकागो कन्वेंशन के एनेक्स-9 के आधार पर एयरलाइन को किसी वैध पासपोर्ट को अपने स्तर पर अमान्य मानकर यात्री को बोर्डिंग से रोकने का अधिकार नहीं है। आयोग ने कहा कि जब उसी दिन दूसरी एयरलाइन और यूएई के इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसी पासपोर्ट को स्वीकार कर लिया, तो एयर अरेबिया द्वारा बोर्डिंग से इनकार करना पूरी तरह मनमाना था और यह सेवा में कमी का स्पष्ट मामला है।
आयोग ने शिकायत आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए एयर अरेबिया को ₹16,572 टिकट राशि लौटाने, मानसिक पीड़ा, आर्थिक नुकसान, कठिनाई और उत्पीड़न के लिए ₹1,20,000 मुआवजा तथा ₹5,000 मुकदमा खर्च अदा करने का निर्देश दिया। आयोग ने यह भी कहा कि यदि एक माह के भीतर भुगतान नहीं किया गया तो पूरी राशि पर 9% वार्षिक ब्याज देय होगा।


