TMC नाम-चुनाव चिन्ह विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को 4 महीने में फैसला लेने का निर्देश
Praveen Mishra
28 Sept 2026 4:51 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर ममता बनर्जी और रितब्रत बनर्जी गुटों के बीच चल रहे विवाद पर चुनाव आयोग को समयसीमा के भीतर अंतिम फैसला लेने का निर्देश दिया है।
चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की खंडपीठ ने दोनों पक्षों को चार सप्ताह के भीतर अपने एफिडेविट और काउंटर-एफिडेविट दाखिल करने को कहा। इसके बाद चुनाव आयोग को तीन महीने के भीतर विवाद पर फैसला करना होगा। इस तरह पूरी प्रक्रिया के लिए प्रभावी रूप से चार महीने की समयसीमा तय की गई है।
पैराग्राफ 15 के तहत होगा फैसला
यह विवाद Election Symbols (Reservation and Allotment) Order, 1968 के पैराग्राफ 15 के तहत चुनाव आयोग के समक्ष लंबित है। यह प्रावधान किसी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह पर दावे के विवाद से संबंधित है।
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के 17 सितंबर के अंतरिम आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इस आदेश में आयोग ने दोनों गुटों को मूल 'All India Trinamool Congress' नाम और 'Flowers & Grass' चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल से रोक दिया था।
चुनाव आयोग ने मांगा था अधिक समय
सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग की ओर से सीनियर एडवोकेट दामा शेषाद्रि नायडू ने कहा कि चुनाव चिन्ह से जुड़े विवाद में पार्टी कार्यकर्ताओं के बड़ी संख्या में एफिडेविट आने के कारण प्रक्रिया में समय लगेगा।
इस पर जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने सुझाव दिया कि आयोग AI टूल्स का इस्तेमाल कर प्रक्रिया को तेज कर सकता है और तीन महीने में फैसला किया जा सकता है। उन्होंने यह भी ध्यान दिलाया कि विवाद को आयोग के पास पहुंचे लगभग तीन महीने हो चुके हैं।
ECI की ओर से यह भी कहा गया कि यदि कोई समयसीमा तय की जाती है तो उसे दोनों पक्षों द्वारा एफिडेविट दाखिल करने की तारीख से शुरू किया जाना चाहिए।
ममता गुट ने जुलाई में जवाब दाखिल करने की बात कही
ममता बनर्जी की ओर से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल और कल्याण बनर्जी ने कहा कि उनके पक्ष ने जुलाई में ही अपना जवाब दाखिल कर दिया था, जबकि दूसरे गुट की ओर से काउंटर-रिस्पॉन्स अभी दाखिल किया जाना बाकी था।
रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की ओर से सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी और नीरज किशन कौल पेश हुए।
फिलहाल दोनों गुटों को अलग नाम और चिन्ह
17 सितंबर के अंतरिम आदेश के बाद चुनाव आयोग ने आगामी उपचुनावों के लिए दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित किए हैं।
ममता बनर्जी गुट: “Mamata All India Trinamool Congress” — Football Player चिन्ह
रितब्रत बनर्जी गुट: “Democratic Trinamool Congress” — Envelope चिन्ह
यह व्यवस्था फिलहाल अंतरिम है और आगामी उपचुनावों पर लागू है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इससे मूल पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह पर अंतिम अधिकार तय नहीं होता। अंतिम विवाद का फैसला पैराग्राफ 15 के तहत अलग से किया जाना है।
अर्थात, सुप्रीम कोर्ट ने खुद यह तय नहीं किया कि मूल TMC नाम और 'Flowers & Grass' चिन्ह किस गुट को मिलेगा; कोर्ट ने केवल चुनाव आयोग को तय समय में इस विवाद पर अंतिम निर्णय लेने का निर्देश दिया है।

