Surat Rape Case: हाईकोर्ट ने नारायण साई की उम्रकैद की सज़ा सस्पेंड करने की याचिका पर नोटिस जारी किया

Shahadat

20 Jan 2026 10:20 AM IST

  • Surat Rape Case: हाईकोर्ट ने नारायण साई की उम्रकैद की सज़ा सस्पेंड करने की याचिका पर नोटिस जारी किया

    गुजरात हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते 2019 में रेप केस में दोषी ठहराए गए नारायण साई की याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने अपनी उम्रकैद की सज़ा सस्पेंड करने की मांग की।

    जस्टिस इलेश जे वोरा और जस्टिस आरटी वच्छानी की डिवीज़न बेंच ने अपने आदेश में कहा:

    "नोटिस, जिसका जवाब 26.02.2026 को देना है। सरकारी वकील ने प्रतिवादी-राज्य की ओर से नोटिस लेने से छूट दी। याचिकाकर्ता के वकील को मूल शिकायतकर्ता की ओर से पेश होने वाले वकील श्री नंदीश ठक्कर को नोटिस देने की अनुमति दी गई।"

    साई को 30 अप्रैल, 2019 को सूरत की सेशंस कोर्ट ने IPC की धारा 376(2)(f) (महिला का रिश्तेदार, अभिभावक या शिक्षक होने या उस पर विश्वास या अधिकार की स्थिति में होने के नाते, उस महिला के साथ रेप करना), 376(k) (मानसिक या शारीरिक रूप से विकलांग महिला के साथ रेप करना), 376(n) (उसी महिला के साथ बार-बार रेप करना), 377 (अप्राकृतिक अपराध), 354 (महिला की इज़्ज़त को ठेस पहुंचाने के इरादे से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), धारा 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाना), धारा 504 (जानबूझकर अपमान करना) और धारा 506(2) (आपराधिक धमकी) के तहत दंडनीय अपराधों के लिए दोषी ठहराया।

    उन्हें उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई और वह दिसंबर, 2013 से जेल में हैं।

    खास बात यह है कि नवंबर, 2025 में हाईकोर्ट ने नारायण साई के पिता आसाराम को छह महीने के लिए सज़ा सस्पेंड कर दी, जिन्हें गांधीनगर की सेशंस कोर्ट ने 2013 के रेप केस में दोषी ठहराया और वह उम्रकैद की सज़ा काट रहे हैं।

    हाईकोर्ट ने सज़ा सस्पेंड कर दी थी और निर्देश दिया कि आसाराम को मेडिकल आधार पर अंतरिम ज़मानत पर यह देखते हुए रिहा किया जाए कि अक्टूबर 2025 में राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम की मेडिकल स्थिति को देखते हुए उनकी सज़ा सस्पेंड कर दी थी।

    Case title: NARAYAN SAI v/s STATE OF GUJARAT

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