मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अगले सप्ताह करेगा सुनवाई
Praveen Mishra
29 Sept 2026 3:24 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के निलंबन और चुनाव आयोग के फैसलों को कथित तौर पर एकतरफा लिए जाने से जुड़े मामले में दायर याचिका को अगले सप्ताह सूचीबद्ध करने की अनुमति दी है।
सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष मामले का उल्लेख कर जल्द सुनवाई की मांग की। चीफ़ जस्टिस ने इसे अगले सप्ताह सूचीबद्ध करने पर सहमति दी।
याचिका राकेश कुमार सिंह ने संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दाखिल की है। इसमें कहा गया है कि अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव आयोग की शक्तियों का इस्तेमाल आयोग द्वारा सामूहिक रूप से किया जाना चाहिए और मुख्य चुनाव आयुक्त अकेले इन शक्तियों का प्रयोग नहीं कर सकते।
याचिका में दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने अक्टूबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच चुनाव आयोग के नाम पर लिए गए कम से कम 14 फैसलों पर आपत्तियां दर्ज की थीं।
SIR को लेकर भी सवाल
सुनवाई के दौरान विकास सिंह ने Special Intensive Revision (SIR) का मुद्दा उठाते हुए कहा कि चुनाव आयोग एक बहु-सदस्यीय आयोग है और कानून के अनुसार फैसले यथासंभव सर्वसम्मति से, जबकि मतभेद होने पर बहुमत से लिए जाने चाहिए।
याचिका में 2023 के Chief Election Commissioner and Other Election Commissioners Act की धारा 18 का हवाला देते हुए मांग की गई है कि चुनाव आयोग के नाम से कोई आदेश या कार्रवाई तभी की जाए जब वह आयोग के सर्वसम्मत या बहुमत के फैसले पर आधारित हो।
याचिका में Form 6 में कथित बदलाव, Electoral Roll Database के प्रबंधन और पश्चिम बंगाल में SIR से संबंधित करीब 16.10 लाख अपीलों का भी उल्लेख किया गया है।
याचिकाकर्ता ने चुनाव आयोग के मूल रिकॉर्ड, minutes, file notings और approval sheets पेश करने की मांग की है, ताकि यह तय किया जा सके कि विवादित फैसले वास्तव में आयोग के सामूहिक निर्णय थे या नहीं।
इसके अलावा याचिका में मुख्य चुनाव आयुक्त के निलंबन, रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज की अध्यक्षता में Judicial Inquiry Commission/SIT गठित करने की मांग की गई है।
इन आरोपों पर अभी सुप्रीम कोर्ट का कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं आया है।

