हाईकोर्ट का जोधपुर एयर फ़ोर्स और सेना के ठिकानों के पास बनी अवैध इमारतों को गिराने का निर्देश

Shahadat

8 May 2026 2:28 PM IST

  • हाईकोर्ट का जोधपुर एयर फ़ोर्स और सेना के ठिकानों के पास बनी अवैध इमारतों को गिराने का निर्देश

    जोधपुर में भारतीय वायु सेना और भारतीय सेना के ठिकानों के प्रतिबंधित क्षेत्रों में अवैध निर्माण से जुड़ी जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने स्थानीय अधिकारियों को सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।

    जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस चंद्र शेखर शर्मा की डिवीज़न बेंच ने राय दी कि याचिका में राष्ट्रीय महत्व के सवाल उठाए गए। इन दोनों संगठनों के क्षेत्रों के आस-पास निर्माण के लिए दी गई सभी अनुमतियाँ रक्षा मंत्रालय/केंद्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचनाओं/दिशानिर्देशों के सख्त अनुसार होनी चाहिए।

    बता दें, यह PIL इस आरोप के साथ दायर की गई कि स्थानीय अधिकारी सरकार द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों/निर्देशों का उल्लंघन करते हुए भारतीय वायु सेना और भारतीय सेना के प्रतिबंधित क्षेत्रों में निर्माण की अनुमति दे रहे थे।

    एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि केंद्र सरकार ने अतिरिक्त हलफनामे दायर किए, जिनमें प्रतिबंधित क्षेत्रों में कुछ ऐसी ज़मीनों का ज़िक्र है जिन पर अवैध रूप से कब्ज़ा किया गया। इसमें कहा गया कि ऐसे निर्माणों को हटाने के लिए स्थानीय अधिकारियों द्वारा तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।

    दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद कोर्ट ने ऐसे अवैध निर्माणों को हटाने के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया।

    इसके अलावा, स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे क्षेत्र का सर्वेक्षण करें ताकि इन दोनों संस्थाओं के प्रतिबंधित क्षेत्रों में ऐसे किसी भी निर्माण की पहचान की जा सके जो निर्धारित दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हों। यह फैसला दिया गया कि यदि कोई निर्माण अवैध पाया जाता है, तो उसे कानून के अनुसार हटाया जाना चाहिए।

    कोर्ट ने आगे राय दी कि भविष्य में यदि स्थानीय अधिकारियों द्वारा प्रतिबंधित क्षेत्रों में कोई निर्माण अनुमति दी जाती है तो वह कानून का पालन करते हुए दी जानी चाहिए। उचित मामलों में ऐसी अनुमतियां रक्षा मंत्रालय/केंद्र सरकार से NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) लेने के बाद ही दी जानी चाहिए।

    स्थानीय अधिकारियों द्वारा पहले से ही स्वीकृत लेआउट योजनाओं के संबंध में कोर्ट ने फैसला दिया,

    “यदि लेआउट योजना स्थानीय अधिकारियों द्वारा स्वीकृत की गई है, तो निर्माण अनुमति(याँ) रक्षा मंत्रालय/केंद्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचनाओं के अनिवार्य दिशानिर्देशों/निर्देशों का पालन करने के बाद ही सख्ती से जारी की जानी चाहिए। यदि स्थानीय अधिकारियों को पता चलता है कि निर्माण अनुमति(याँ) रक्षा मंत्रालय/केंद्र सरकार की अधिसूचनाओं के अनिवार्य दिशानिर्देशों/निर्देशों का उल्लंघन करते हुए जारी की गई हैं, तो ऐसी निर्माण अनुमति(याँ) रद्द की जानी चाहिए।”

    तदनुसार, याचिकाओं का निपटारा करते हुए स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे उपर्युक्त पूरी प्रक्रिया को 3 महीने के भीतर पूरा करें।

    Title: Rohit Nayak & Anr. v Kailash & Ors.

    Next Story