बिना स्थायी चीफ जस्टिस के काम कर रहे हैं लगभग एक-तिहाई हाईकोर्ट
Shahadat
21 July 2026 7:18 PM IST

देश के 25 हाई कोर्ट में से सात अभी बिना स्थायी चीफ जस्टिस के काम कर रहे हैं; इन कोर्ट की कमान एक्टिंग चीफ जस्टिस संभाल रहे हैं।
इनमें से चार पद तब खाली हुए जब जस्टिस शील नागू (पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट), जस्टिस चंद्रशेखर (बॉम्बे हाईकोर्ट), जस्टिस संजीव सचदेवा (मध्य प्रदेश हाईकोर्ट) और जस्टिस अरुण पल्ली (जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाई कोर्ट) को जून 2026 में सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया।
इसके बाद संबंधित हाईकोर्ट में अश्वनी कुमार मिश्रा, रवींद्र विट्ठलराव घुगे, विवेक रूसिया और संजीव कुमार को एक्टिंग चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया।
राजस्थान हाईकोर्ट में, पूर्व चीफ जस्टिस कल्पाथी राजेंद्र श्रीराम के रिटायर होने के बाद सितंबर 2025 से जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा एक्टिंग चीफ जस्टिस के तौर पर काम कर रहे हैं।
इसी तरह, जस्टिस सुजॉय पॉल के 20 जून 2026 को रिटायर होने के बाद जस्टिस तापब्रत चक्रवर्ती को कलकत्ता हाईकोर्ट का एक्टिंग चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया और जस्टिस मीनाक्षी एम. राय के 11 जुलाई 2026 को रिटायर होने के बाद जस्टिस सुधीर सिंह को पटना हाईकोर्ट का एक्टिंग चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया।
हाईकोर्ट जजों की नियुक्ति के लिए 'मेमोरेंडम ऑफ़ प्रोसीजर' (MoP) में कहा गया कि चीफ जस्टिस की नियुक्ति की प्रक्रिया समय रहते शुरू की जानी चाहिए ताकि पद खाली होने की अनुमानित तारीख से कम से कम एक महीने पहले यह प्रक्रिया पूरी हो सके।
हाईकोर्ट में जजों की हर तीन में से एक सीट खाली
भारत में हाईकोर्ट जजों के लगभग एक-तिहाई पद खाली हैं। न्याय विभाग के आंकड़ों के अनुसार, कुल 1122 स्वीकृत सीटों में से 341 अभी भी भरी जानी बाकी हैं; प्रतिशत के हिसाब से यह 30.39% खाली पद हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में सबसे ज़्यादा खाली पद हैं, जहा 160 स्वीकृत पदों में से 52 पद खाली हैं (33%)। इसके बाद कलकत्ता हाईकोर्ट का नंबर आता है, जहां 72 में से 31 पद खाली हैं (43%), जबकि पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में 85 स्वीकृत पदों में से 30 पद खाली हैं (35%)। वहीं, प्रतिशत के हिसाब से सबसे ज़्यादा खाली पद जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट में हैं, जो 52% है; इसके बाद झारखंड हाईकोर्ट (48%) और ओडिशा हाईकोर्ट (45%) का नंबर आता है।
सिर्फ़ मेघालय हाईकोर्ट में कोई भी पद खाली नहीं है।


