मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, 1.67 लाख से अधिक मामलों का निपटारा

Praveen Mishra

16 March 2026 3:09 PM IST

  • मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, 1.67 लाख से अधिक मामलों का निपटारा

    मध्य प्रदेश में वर्ष 2026 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य नागरिकों को सुलभ, त्वरित और सौहार्दपूर्ण न्याय उपलब्ध कराना था। यह पहल वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली को मजबूत करने और संविधान के अनुच्छेद 39(क) के तहत सभी के लिए न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

    कार्यक्रम का ऑनलाइन उद्घाटन चीफ़ जस्टिस द्वारा किया गया, जिसमें न्यायपालिका के कई वरिष्ठ न्यायाधीशों और अधिकारियों की उपस्थिति रही। राज्य भर में इस लोक अदालत के लिए कुल 1618 पीठों का गठन किया गया, जिनमें 8 पीठें मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर मुख्य पीठ तथा इंदौर और ग्वालियर खंडपीठों में, जबकि 1610 पीठें जिला एवं तहसील न्यायालयों में गठित की गईं।

    लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मामलों को निपटारे के लिए लिया गया, जिनमें रिट याचिकाएं, सिविल पुनरीक्षण, द्वितीय अपीलें, मोटर दुर्घटना मुआवजा दावे, वैवाहिक विवाद, आपराधिक शमनीय मामले, एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत चेक बाउंस मामले, श्रम विवाद, बैंक ऋण वसूली मामले तथा बिजली और पानी के बिल से जुड़े विवाद शामिल थे।

    प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, लोक अदालत में 1,25,353 प्री-लिटिगेशन मामलों और 42,278 लंबित मामलों का सौहार्दपूर्ण समाधान किया गया। इन मामलों में समझौते के माध्यम से लगभग ₹628.28 करोड़ के दावों का निपटारा हुआ, जिससे यह स्पष्ट होता है कि लोक अदालत मॉडल न्यायालयों में लंबित मामलों के बोझ को कम करने और पक्षकारों के बीच आपसी सहमति को बढ़ावा देने में प्रभावी साबित हो रहा है।

    इस आयोजन की सफलता में न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, मध्यस्थों, बैंकों और बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों, सरकारी विभागों और अन्य हितधारकों की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण रही। लोक अदालत से पहले कानूनी जागरूकता अभियान, प्रचार-प्रसार कार्यक्रमों और डिजिटल माध्यमों के जरिए आम नागरिकों को इसमें भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया।

    कार्यक्रम के दौरान न्यायिक अधिकारियों और विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम का संचालन हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति, जबलपुर की रजिस्ट्रार अर्चना सिंह ने किया और अंत में मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अतिरिक्त सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने आभार व्यक्त किया।

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