नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने द्वारका ओमेक्स प्रोजेक्ट मामले में कार्रवाई का आदेश दिया

Shahadat

22 April 2026 7:22 PM IST

  • नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने द्वारका ओमेक्स प्रोजेक्ट मामले में कार्रवाई का आदेश दिया

    नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT), प्रिंसिपल बेंच, नई दिल्ली ने ओरिजिनल एप्लीकेशन नंबर 137/2025 (रेनू बाला बनाम MoEF&CC और अन्य) में महत्वपूर्ण आदेश पारित किया। यह मामला नई दिल्ली के द्वारका में स्थित "द ओमेक्स स्टेट" प्रोजेक्ट में कथित पर्यावरणीय उल्लंघनों से संबंधित है।

    जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव (अध्यक्ष) और डॉ. ए. सेंथिल वेल की बेंच ने 22 अप्रैल, 2026 को यह आदेश सुनाया।

    मुख्य निष्कर्ष

    ट्रिब्यूनल ने पाया कि पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) द्वारा इस प्रोजेक्ट को कोई पर्यावरणीय मंज़ूरी (EC) नहीं दी गई।

    प्रोजेक्ट प्रस्तावक द्वारा "मानित पर्यावरणीय मंज़ूरी" (Deemed Environmental Clearance) का दावा खारिज कर दिया गया।

    सैटेलाइट इमेज सहित अन्य सबूतों से पता चला कि ज़रूरी मंज़ूरी मिलने से पहले ही प्रोजेक्ट स्थल पर पेड़ों की अवैध कटाई की गई थी।

    ट्रिब्यूनल ने यह भी पाया कि उचित पर्यावरणीय अनुमतियों के बिना ही निर्माण कार्य किया गया, जो डेवलपर के दावों के विपरीत है।

    ट्रिब्यूनल के निर्देश

    NGT ने निम्नलिखित निर्देश जारी किए:

    1. वृक्ष अधिकारी/DFO को निर्देश दिया गया है कि वे स्थल का निरीक्षण करें, पेड़ों की अवैध कटाई की सीमा का पता लगाएं और 8 हफ़्तों के भीतर दंडात्मक और सुधारात्मक कार्रवाई करें।

    2. MoEF&CC को निर्देश दिया गया कि वे उल्लंघनों को ध्यान में रखते हुए लंबित पर्यावरणीय मंज़ूरी आवेदन पर निर्णय लें।

    3. दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) पर्यावरणीय उल्लंघनों का आकलन करेगी और यदि आवश्यक हुआ तो पर्यावरणीय मुआवज़ा लगाएगी।

    संबंधित अधिकारियों को तीन महीने के भीतर 'की गई कार्रवाई की रिपोर्ट' (Action Taken Report) प्रस्तुत करनी होगी।

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