मुजफ्फरनगर दंगे: कोर्ट ने यूपी के मंत्री, विधायक संगीत सोम और अन्य भाजपा नेताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की अनुमति दी
LiveLaw News Network
29 March 2021 11:22 AM IST
राज्य सरकार के अनुरोध को स्वीकार करते हुए, गुरुवार (25 मार्च) को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक एमपी/एमएलए अदालत ने 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों के संबंध में हिंसा भड़काने के मामले को वापस लेने की अनुमति दी। इन मामलों में प्रमुख रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शामिल थे।
गौरतलब है कि कुख्यात मुजफ्फरनगर दंगे मामले में जिन भाजपा नेताओं को आरोपी बनाया गया था, उनमें उत्तर प्रदेश के मंत्री सुरेश राणा, भाजपा विधायक संगत सोम, भाजपा के पूर्व सांसद भारतेन्दु सिंह और वीएचपी विधायक साध्वी प्राची शामिल हैं।
आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
घटना के बाद राणा, देव और सोम को गिरफ्तार कर लिया गया था और उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू किया गया था। हालांकि, बाद में अदालत द्वारा जमानत मिलने के बाद एनएसए सलाहकार बोर्ड ने उन आरोपों को रद्द कर दिया था।
कथित तौर पर मामला नंगला मंदौड़ महापंचायत से संबंधित है, जिसमें आरोपियों ने भड़काऊ भाषण दिया था। इन भाषणों का अगस्त 2013 में हिंसा भड़काने में प्रमुख भूमिका थी, जिसमें कम से कम 60 लोग मारे गए थे और 50,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए थे।
सरकार के वकील द्वारा यह कहते हुए आवेदन किए जाने के महीनों बाद कि राज्य सरकार ने अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा चलाने का फैसला नहीं किया है और अदालत को इस मामले को वापस लेने की अनुमति देनी चाहिए, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मुजफ्फरनगर के सुधीर सिंह गुरुवार को सरकार के वकील को मामला वापस लेने की अनुमति दी।
सरकारी वकील राजीव शर्मा ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि लगभग 1.5 साल पहले प्रशासन ने 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों को वापस लेने के लिए एक आवेदन प्रस्तुत किया था।