'बुल्ली बाई ऐप' मामले में एक आरोपी बरी; कोर्ट ने कहा- सिर्फ़ ऐप को फ़ॉलो करना अपराध नहीं

  • बुल्ली बाई ऐप मामले में एक आरोपी बरी; कोर्ट ने कहा- सिर्फ़ ऐप को फ़ॉलो करना अपराध नहीं

    मुंबई मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मंगलवार (6 अक्टूबर) को कुख्यात 'बुल्ली बाई ऐप' मामले के आरोपियों में से एक विशाल झा को बरी किया। इस मामले में 100 से ज़्यादा प्रभावशाली मुस्लिम महिलाओं की मॉर्फ्ड (छेड़छाड़ की गई) तस्वीरें "नीलामी" के लिए डाली गई थीं।

    जज राजू इंगले ने झा की इस दलील पर ध्यान दिया कि अगर उनके खिलाफ़ दायर चार्ज-शीट को ज्यों का त्यों पढ़ा जाए, तब भी उन पर कोई अपराध नहीं बनता। जज ने इस बात पर भी गौर किया कि उन पर एकमात्र आरोप यह है कि उन्होंने कथित 'बुल्ली बाई ऐप' को फ़ॉलो किया था और इसके अलावा कुछ नहीं किया।

    हालांकि, अभियोजन पक्ष ने इस बात पर ज़ोर दिया कि झा अन्य सह-आरोपियों के संपर्क में थे क्योंकि वे एक जैसी विचारधारा रखते थे।

    अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपियों में से एक ने 'बुल्ली बाई ऐप' बनाया था और अन्य सह-आरोपियों ने न केवल इसे फ़ॉलो किया, बल्कि इसे अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर भी किया। इसलिए, वे भी अभियोजन के लिए उत्तरदायी हैं।

    हालांकि, जब कोर्ट ने जांच अधिकारी (I.O.) से पूरी चार्ज-शीट में यह दिखाने को कहा कि झा ने 'बुल्ली बाई ऐप' को शेयर किया, तो वे ऐसा नहीं दिखा सके।

    जज ने कहा,

    "इसलिए मौजूदा आरोपी की एकमात्र भूमिका यह रही कि उन्होंने 'बुल्ली बाई ऐप' को फ़ॉलो किया। कोर्ट को बताया गया कि उक्त ऐप लॉन्च होने के तुरंत बाद ही उसे हटा दिया गया। अब, ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है, जो यह दिखाए कि आरोपी ने अपने ट्विटर हैंडल पर 'बुल्ली बाई ऐप' शेयर किया था। तो, यह माना जा सकता है कि मौजूदा आरोपी की भूमिका केवल 'बुल्ली बाई ऐप' को फ़ॉलो करने और सह-आरोपियों के संपर्क में रहने की थी।"

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